CM के सिडकुल दौरे से पहले तड़के बड़ी कार्रवाई, कांग्रेस नेता मनोज धनगर घर से डिटेन,मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने की थी तैयारी…

तनवीर अली हरिद्वार।

• अंकिता भंडारी प्रकरण और एसआईआर के मुद्दे पर मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने की थी तैयारी

CM के सिडकुल दौरे से पहले तड़के बड़ी कार्रवाई, कांग्रेस नेता मनोज धनगर घर से डिटेन,मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने की थी तैयारी

​• पुलिस और खुफिया विभाग अलर्ट, भारी मात्रा में काले झंडे बरामद होने का दावा; समर्थकों में आक्रोश

​विशेष संवाददाता, हरिद्वार:

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सिडकुल आगमन से ठीक पहले पुलिस और खुफिया विभाग के अचानक हरकत में आने से हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में किसी भी तरह के व्यवधान और विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए सिडकुल पुलिस ने गुरुवार सुबह तड़के बड़ी कार्रवाई की। पुलिस टीम ने सुबह करीब साढ़े छह बजे वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज धनगर को उनके ब्रह्मपुरी स्थित आवास से डिटेन (हिरासत में) कर लिया। कार्रवाई के समय मनोज धनगर स्नान कर रहे थे, जिन्हें पुलिस ने तत्काल प्रभाव से हिरासत में ले लिया।

​काले झंडे दिखाकर विरोध की थी रणनीति

​पुलिस व खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के अनुसार, मनोज धनगर और उनके समर्थक सिडकुल में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान उन्हें काले झंडे दिखाने की रणनीति बना रहे थे। पुलिस का दावा है कि तलाशी के दौरान धनगर के ठिकाने से बड़ी संख्या में काले झंडे भी बरामद हुए हैं। जानकारी के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन बहुचर्चित अंकिता भंडारी प्रकरण में न्याय की मांग और एसआईआर (SIR) के मुद्दे को लेकर किया जाना तय हुआ था।

​मौके पर पहुंचे एसएसआई, सहयोगियों को भी लिया घेरे में

​विरोध की सूचना मिलते ही सिडकुल एसएसआई प्रवीण बिष्ट पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। कार्रवाई के दौरान मनोज धनगर के साथ आवास पर प्रवीण धनगर, पवन पाल धनगर, हर शरण बालियान, प्रवेश कटारिया, बबलू धनगर, बॉबी चौधरी, जगदीश धनगर और मोहित बाबर समेत कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे, जिन्हें पुलिस ने कार्यक्रम संपन्न होने तक नज़रबंद व हिरासत में रखा।

​संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही सरकार: मनोज धनगर

​वहीं, पुलिस की इस धरपकड़ की कार्रवाई पर कांग्रेस नेता मनोज धनगर ने कड़ा एतराज जताते हुए सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि—

​“हम संविधान के दायरे में रहकर अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने की तैयारी कर रहे थे। राज्य सरकार के इशारे पर पुलिस-प्रशासन नागरिकों और विपक्ष के लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन कर रहा है। लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात और विरोध दर्ज कराने की आजादी होनी चाहिए, लेकिन सरकार विपक्ष की आवाज से डरी हुई है।”

​पुलिस की इस मुस्तैदी से मुख्यमंत्री का सिडकुल कार्यक्रम बिना किसी रुकावट के शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया, लेकिन इस कार्रवाई ने जिले में सियासी पारे को गरमा दिया है।

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