विकसित भारत’ के संकल्प को लेकर हरिद्वार सिडकुल की नई उड़ान, अंतरराष्ट्रीय सहयोग की यह पहल न केवल निर्यात को बढ़ावा देगी, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेड इन उत्तराखंड’ की ब्रांडिंग को भी मजबूती करेगी प्रदान, निश्चित रूप से, जिस तरह से हरिद्वार के उद्यमी वैश्विक स्तर पर अपनी क्षमताओं का लोहा मनवा रहे हैं, वह दिन दूर नहीं जब उत्तराखंड का फार्मा और आयुष सेक्टर ‘विकसित भारत’ के इंजन के रूप में निभाएगा अपनी महत्वपूर्ण भूमिका, ​

तनवीर अली हरिद्वार।

विकसित भारत’ के संकल्प को लेकर हरिद्वार सिडकुल की नई उड़ान, अंतरराष्ट्रीय सहयोग की यह पहल न केवल निर्यात को बढ़ावा देगी, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेड इन उत्तराखंड’ की ब्रांडिंग को भी मजबूती करेगी प्रदान, निश्चित रूप से, जिस तरह से हरिद्वार के उद्यमी वैश्विक स्तर पर अपनी क्षमताओं का लोहा मनवा रहे हैं, वह दिन दूर नहीं जब उत्तराखंड का फार्मा और आयुष सेक्टर ‘विकसित भारत’ के इंजन के रूप में निभाएगा अपनी महत्वपूर्ण भूमिका,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में उत्तराखंड सरकार लगातार कदम बढ़ा रही है। इसी कड़ी में अब देवभूमि का हरिद्वार सिडकुल, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। हाल ही में उज्बेकिस्तान की ताशकंद फार्मा सिटी से आए एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने हरिद्वार का दौरा किया है। जहाँ उनका सिडकुल के उद्यमियों ने भव्य स्वागत किया।

​वीओ: ‘विकसित भारत’ के सपने को हकीकत में बदलने के लिए उत्तराखंड के उद्यमी अब वैश्विक स्तर पर नई लकीर खींच रहे हैं। एसएमएयू चैंबर्स (SMAU Chambers) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हरिंदर गर्ग की पहल पर, उज्बेकिस्तान की ताशकंद फार्मा सिटी से तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल हरिद्वार सिडकुल पहुंचा है।
​इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत की उन्नत फार्मा और आयुष विनिर्माण क्षमताओं को करीब से देखना और औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं को तलाशना है।

*सिडकुल दौरे के दौरान जानकारी*

​दौरे के पहले दिन, विदेशी मेहमानों ने सिडकुल के ‘कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट’ (CETP) का बारीकी से निरीक्षण किया।
इसके बाद उन्होंने ‘फार्मासिंथ फॉर्मूलेशन प्राइवेट लिमिटेड’ का दौरा किया, जहां उन्होंने भारत की आधुनिक पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली और औद्योगिक तकनीक की जमकर सराहना की।

वहीं, दूसरे दिन प्रतिनिधिमंडल ‘एकम्स ड्रग्स एंड फार्मा’ और ‘आरोग्य फॉर्मूलेशन’ के संयंत्रों में पहुंचा। यहां उन्हें विश्वस्तरीय फार्मा और आयुष मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस से अवगत कराया गया।

*​डॉ. हरिंदर गर्ग, संदीप जैन और डॉ. राज अरोरा ने बताया*

“यह अंतरराष्ट्रीय दौरा भारत और उज्बेकिस्तान के औद्योगिक संबंधों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इससे न केवल दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा, बल्कि उत्तराखंड के फार्मा और आयुष सेक्टर को वैश्विक मंच पर नई पहचान और तकनीकी मजबूती मिलेगी।”
​ यह दौरा आने वाले समय में उत्तराखंड के उद्योगों के लिए नए व्यापारिक द्वार खोलेगा। अंतरराष्ट्रीय सहयोग की यह पहल न केवल निर्यात को बढ़ावा देगी, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेड इन उत्तराखंड’ की ब्रांडिंग को भी मजबूती प्रदान करेगी। निश्चित रूप से, जिस तरह से हरिद्वार के उद्यमी वैश्विक स्तर पर अपनी क्षमताओं का लोहा मनवा रहे हैं, वह दिन दूर नहीं जब उत्तराखंड का फार्मा और आयुष सेक्टर ‘विकसित भारत’ के इंजन के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस दौरान संदीप जैन, डॉ. हरिंदर गर्ग, डॉ. राज अरोरा, के0डी0 शर्मा,पुलकित गर्ग आदि मौजूद रहें।

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