​​जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने लक्सर के अत्यधिक संवेदनशील गंगदासपुर क्षेत्र का किया स्थलीय निरीक्षण, ​बाढ़ सुरक्षा और जल भराव की समस्या से निपटने के लिए अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश,​मुख्यमंत्री की घोषणाओं और गत वर्ष के निर्देशों के तहत चल रहे कार्यों की हुई समीक्षा। ​गेट निर्माण और नाले के चैनलाइजेशन कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द शुरू करने के आदेश।

तनवीर अली हरिद्वार।

लक्सर के गंगदासपुर में मानसून से पहले पुख्ता करें बाढ़ सुरक्षा इंतजाम: जिलाधिकारी,

​​जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने लक्सर के अत्यधिक संवेदनशील गंगदासपुर क्षेत्र का किया स्थलीय निरीक्षण,
​बाढ़ सुरक्षा और जल भराव की समस्या से निपटने के लिए अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश,​मुख्यमंत्री की घोषणाओं और गत वर्ष के निर्देशों के तहत चल रहे कार्यों की हुई समीक्षा।
​गेट निर्माण और नाले के चैनलाइजेशन कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द शुरू करने के आदेश।

​हरिद्वार, आगामी मानसून सीजन को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने गुरुवार को तहसील लक्सर के अंतर्गत बाढ़ और जल भराव के लिहाज से अत्यधिक संवेदनशील माने जाने वाले गंगदासपुर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ सुरक्षा और जल निकासी के लिए की जा रही तैयारियों का जायजा लिया और संबंधित विभागों के अधिकारियों को मानसून शुरू होने से पहले सभी आवश्यक पुख्ता इंतजाम करने के कड़े निर्देश दिए।
​मुख्यमंत्री की घोषणाओं की हुई समीक्षा
​निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने गत वर्ष मुख्यमंत्री द्वारा गंगदासपुर क्षेत्र के भ्रमण के दौरान दिए गए दिशा-निर्देशों का उल्लेख किया। उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणाओं के क्रम में वर्तमान में चल रहे विकास और सुरक्षा कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं से जुड़े इन कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाया जाए।
​अधिकारियों को समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने की हिदायत
​जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ उपजिलाधिकारी (SDM) लक्सर अनिल कुमार शुक्ला को निर्देशित किया कि क्षेत्र में बाढ़ से बचाव और जल निकासी से संबंधित सभी व्यवस्थाएं मानसून की पहली बारिश से पहले हर हाल में दुरुस्त कर ली जाएं, ताकि ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की जनधन की हानि या कठिनाई का सामना न करना पड़े।
​”गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में क्षेत्र में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले सकती है। इसे देखते हुए गंगदासपुर में गेट निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र प्रारंभ किया जाए।”
— मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी
​ग्रामीणों से किया संवाद, जानीं जमीनी समस्याएं
​स्थलीय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने मानसून के समय गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने पर पैदा होने वाली जमीनी समस्याओं और उनके अनुभवों की जानकारी ली। साथ ही ग्रामीणों को गांव में प्रस्तावित विकास एवं बाढ़ सुरक्षा योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
​गंगदासपुर में गेट का निर्माण जल्द से जल्द शुरू हो।
​गंगदासपुर से पंडितपुर तक नाले का चैनलाइजेशन (Channelization) किया जाए।
​क्षेत्र के सभी छोटे-बड़े जल निकासी मार्गों और नालों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित कर उन्हें सुचारु रखा जाए।
​जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को सख्त हिदायत दी कि सभी कार्य न केवल निर्धारित समयावधि में पूरे हों, बल्कि उनकी गुणवत्ता (Quality) भी उच्च स्तरीय होनी चाहिए, ताकि मानसून के दौरान क्षेत्रवासियों को वास्तविक राहत मिल सके।
​निरीक्षण में यह अधिकारी रहे मौजूद
​इस महत्वपूर्ण स्थलीय निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी लक्सर अनिल कुमार शुक्ला, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सोनू त्यागी, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ओम जी गुप्ता, सहायक अभियंता विजय सिंह सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

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