तनवीर अली हरिद्वार।
साइबर ठगों के सिंडिकेट पर STF का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: 7 दिनों के ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट’ से हिला साइबर अपराधियों का साम्राज्य,उत्तराखंड पुलिस की डिजिटल और ग्राउंड स्ट्राइक— 820 संदिग्ध बैंक खाते जांच के दायरे में, 159 FIR दर्ज, 10 शातिर साइबर अपराधी सलाखों के पीछे, SSB-STF एसएसपी अजय सिंह के नेतृत्व में तकनीक और ग्राउंड एक्शन का सटीक तालमेल; 644 SIM और 630 IMEI ब्लॉक, करोड़ों की ठगी की रकम कराई सुरक्षित,
देहरादून (विशेष संवाददाता)। उत्तराखंड को साइबर अपराध मुक्त बनाने और ठगों के पूरे नेटवर्क की जड़ें खोदने के लिए उत्तराखंड पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अब तक का सबसे बड़ा राज्यव्यापी अभियान ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट’ सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) दीपम सेठ के सख्त निर्देशों और STF एसएसपी अजय सिंह के कुशल नेतृत्व में संचालित इस 7 दिवसीय महा-अभियान ने साइबर अपराधियों, उनके लिए काम करने वाले ‘मनी म्यूल्स’ (Money Mules) और लॉजिस्टिक सप्लाई करने वालों की कमर तोड़कर रख दी है।
इस विशेष अभियान के दौरान केवल सतही कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि साइबर ठगी की शुरुआत से लेकर पैसे की निकासी (Money Withdrawal Chain) तक के पूरे इकोसिस्टम को ध्वस्त किया गया।
महीने भर की खामोश इंटेलिजेंस, फिर 7 दिन का प्रचंड प्रहार
‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट’ की सफलता के पीछे एक महीने की कड़ी तकनीकी और वित्तीय डेटा रिसर्च थी। 1 जुलाई से 31 जुलाई तक एसटीएफ की सेंट्रल टेक्निकल टीम और जिला साइबर सेलों ने DoT, RBI और Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) के डेटा का गहराई से विश्लेषण किया। इसके बाद 24 अगस्त से 1 सितंबर तक प्रदेशभर में ग्राउंड वेरिफिकेशन, दबिश और गिरफ्तारी की झड़ी लगा दी गई।
“हमारा लक्ष्य केवल ठगी करने वाले तक पहुंचना नहीं, बल्कि उस पूरी चेन को तोड़ना है जो इन अपराधियों को फर्जी सिम, बैंक खाते और कैश निकालने के रास्ते उपलब्ध कराती है।” — अजय सिंह, एसएसपी, एसटीएफ (उत्तराखंड)
आंकड़ों में ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट’ का प्रहार
कार्रवाई का दायरासत्यापन/जांचदर्ज FIR / कार्रवाई संदिग्ध बैंक खाते (Mule Accounts)820 बैंक अकाउंट्स159 FIR दर्ज ATM निकासी लोकेशंस1,236 ठिकाने32 FIR दर्ज चेक (Cheque) निकासी लोकेशंस84 ठिकाने37 FIR दर्ज फर्जी SIM बिक्रेता (SIM-POS)22 संदिग्ध पीओएस10 FIR दर्ज डिजिटल फुटप्रिंट्स ब्लॉक644 SIM व 630 IMEIपूर्णतः ब्लॉक कराए गए
‘प्रतिबिंब’ (PRATIBIMB) और ‘समन्वय’ पोर्टल से कसा शिकंजा
इस ऑपरेशन में I4C द्वारा विकसित ‘PRATIBIMB MAP’ (GIS आधारित रियल-टाइम मैपिंग) ने गेम-चेंजर की भूमिका निभाई। इसके जरिए अपराधियों के मोबाइल टावर लोकेशन, संदिग्ध एटीएम और म्यूल अकाउंट्स का मैप तैयार कर सीधे मौके पर रेड मारी गई। वहीं ‘समन्वय’ (Samanvaya) पोर्टल के माध्यम से उत्तराखंड के 240 अपराधियों की मैपिंग की गई, जिससे देशभर के अन्य राज्यों में चल रहे 100 से अधिक अंतरराज्यीय साइबर अपराधों का खुलासा हुआ।
हरिद्वार का ‘नवादा ग्रुप’ बेनकाब: 200 से अधिक फर्जी खातों का भंडाफोड़
ऑपरेशन के दौरान एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की सबसे बड़ी सफलता हरिद्वार के श्यामपुर में ‘नवादा ग्रुप’ का पर्दाफाश रही। पुलिस ने गिरोह के 5 मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 45+ एटीएम कार्ड, 20 पासबुक, 2 लैपटॉप और 17 मोबाइल फोन बरामद हुए। प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह लोन, ऑनलाइन ट्रेडिंग और पैसे दोगुने करने का झांसा देकर लोगों से ठगी करता था और 200 से अधिक ‘लेयर-1’ बैंक खातों का संचालन कर रहा था।
इसके अलावा, पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार में ₹3.86 लाख की फॉरेक्स ट्रेडिंग ठगी के इनामी आरोपी आशीष रिचर्ड को गिरफ्तार किया गया। जांच में उसके 8 बैंक खातों में ₹1.50 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है, जिसके तार कोलकाता, काशी, कर्नाटक और अमृतसर तक जुड़े पाए गए।
हेल्पलाइन 1930 से ₹23.44 करोड़ बचाए, 1.75 लाख बच्चों को बनाया ‘साइबर स्मार्ट’
कार्रवाई के साथ-साथ उत्तराखंड पुलिस बचाव और जागरूकता पर भी समान जोर दे रही है।
- ₹23.44 करोड़ सेव: वर्ष 2026 में 1930 हेल्पलाइन/NCRP पर आई 18,749 शिकायतों पर तुरंत एक्शन लेते हुए पुलिस ने करीब 23.44 करोड़ रुपये की ठगी राशि को बैंक स्तर पर ही होल्ड (Save) कराया।
- विशाल वर्चुअल अभियान: डीजीपी दीपम सेठ और एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह के प्रयासों से राज्य के 1,100 से अधिक स्कूलों के 1.75 लाख विद्यार्थियों को एआई/डीपफेक, सेक्सटोर्शन और साइबर बुलिंग के खिलाफ जागरूक किया गया।
आगे क्या? अपराधियों के लिए अब कोई सेफ जोन नहीं
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के अनुसार, 3 सितंबर को देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल के हॉटस्पॉट्स में लगभग 2000 पुलिसकर्मियों (जिसमें PAC की 8 कंपनियां शामिल हैं) की टीमों ने 300 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। एसटीएफ का साफ संदेश है कि ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट’ खत्म नहीं हुआ है, बल्कि यह साइबर अपराधियों के खिलाफ एक निरंतर जारी रहने वाले महा-संग्राम की शुरुआत है।

More Stories
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर हरिद्वार में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मजिस्ट्रेटों की तैनाती के दिए आदेश,अराजक तत्वों पर रहेगी पैनी नजर,नागरिक सुविधाओं के लिए अधिकारियों को निर्देश…
डीएम मयूर दीक्षित ने की राजनीतिक दलों प्रतिनिधियों के साथ की समीक्षा बैठक, हरिद्वार में 99% विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य संपन्न, डीएम ने सभी को किया आश्वस्त पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ पूरा कराया जाएगा कार्य…
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित व खाद्य सुरक्षा विभाग का का बड़ा एक्शन: हरिद्वार में कैडबरी चॉकलेट, दूध, पनीर और मावे के 10 सैंपल सील; चॉकलेट के खास बैच की बिक्री पर रोक…