जिलाधिकारी मयूर दीक्षित व खाद्य सुरक्षा विभाग का  का बड़ा एक्शन: हरिद्वार में कैडबरी चॉकलेट, दूध, पनीर और मावे के 10 सैंपल सील; चॉकलेट के खास बैच की बिक्री पर रोक…

तनवीर अली हरिद्वार।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित व खाद्य सुरक्षा विभाग का  का बड़ा एक्शन: हरिद्वार में कैडबरी चॉकलेट, दूध, पनीर और मावे के 10 सैंपल सील; चॉकलेट के खास बैच की बिक्री पर रोक,

हरिद्वार (विशेष संवाददाता)। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और खाद्य सुरक्षा आयुक्त उत्तराखण्ड विनय शंकर पांडेय के निर्देशों पर जनपद हरिद्वार में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। इस कार्रवाई से जिले भर के मिलावटखोरों और लापरवाह विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है।

​सहायक आयुक्त एवं अभिहित (खाद्य सुरक्षा) अधिकारी महिमानंद जोशी ने बताया कि अभियान के तहत जनपद भर से दूध, पनीर, मावा और कैडबरी डेयरी मिल्क चॉकलेट के कुल 10 नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच हेतु भेजे गए हैं।

बिना लाइसेंस चल रहे दूध सप्लायरों को नोटिस

उपायुक्त गढ़वाल आर.एस. रावत के नेतृत्व में जगजीतपुर पुलिस चौकी के पास दूध सप्लाई वाहनों और सराय रोड स्थित होलसेल एजेंसियों का निरीक्षण किया गया। कार्रवाई के दौरान खुले दूध के पांच नमूने सील किए गए। वहीं, बिना वैध खाद्य लाइसेंस के कारोबार चला रहे दो दूध सप्लायरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

कैडबरी डिस्ट्रीब्यूटर एजेंसी पर छापा, बिक्री पर रोक

कैडबरी डेयरी मिल्क चॉकलेट की शिकायत मिलने पर सराय रोड स्थित चॉकलेट डिस्ट्रीब्यूटर एजेंसी की गहन जांच की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने डिस्ट्रीब्यूटर के स्टोरेज, चिलिंग चैंबर, सप्लाई वाहनों तथा बैच नंबर से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला। अभिहित अधिकारी महिमानंद जोशी के निर्देशानुसार, संबंधित शिकायत वाले बैच नंबर की बिक्री और आपूर्ति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। डिस्ट्रीब्यूटर को बाजार से उस बैच की सभी चॉकलेट तुरंत वापस मंगाने (रिकॉल करने) और आपूर्ति केवल तापमान नियंत्रित वाहनों से ही करने की सख्त हिदायत दी गई। मौके से चॉकलेट के दो नमूने भी जांच के लिए लिए गए।

कनखल और रुड़की में भी सख्त चेकिंग

वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश टम्टा ने कनखल क्षेत्र की डेयरियों व निर्माण इकाइयों से पनीर और मावा का एक-एक सैंपल लिया। उधर, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेन्द्र पाण्डेय ने रुड़की के होटलों व डेयरियों की जांच कर पनीर का एक सैंपल लिया। उन्होंने होटल संचालकों को सख्त निर्देश दिए कि वे खाद्य निर्माण में केवल पैक्ड पनीर का ही इस्तेमाल करें।

​”जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के क्रम में आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना हमारी पहली प्राथमिकता है। अभियान के तहत कुल 10 सैंपल लैब जांच के लिए भेजे गए हैं। मिलावटखोरों और मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”

— महिमानंद जोशी, सहायक आयुक्त / अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा (हरिद्वार)

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