वरिष्ठ नागरिक दिवस: ‘रामराज ग्रामोदय सेवा संस्थान’ ने बुजुर्गों को किया सम्मानित, सेवा के संकल्प को दोहराया, ALF इंजीनियरिंग कम्पनी ने कार्यक्रम में सहयोग कर दिया महत्वपूर्ण योगदान…

वरिष्ठ नागरिक दिवस: ‘रामराज ग्रामोदय सेवा संस्थान’ ने बुजुर्गों को किया सम्मानित, सेवा के संकल्प को दोहराया, ALF इंजीनियरिंग कम्पनी ने कार्यक्रम में सहयोग कर दिया महत्वपूर्ण योगदान

हरिद्वार। विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर बहादराबाद स्थित ‘रामराज ग्रामोदय सेवा संस्थान’ द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बुजुर्गों के प्रति सम्मान और सेवा के संकल्प को एक नई ऊर्जा दी गई।

संस्थान के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर जे.पी. शर्मा ने बताया कि उनकी संस्था वर्ष 2008 से निरंतर वरिष्ठ नागरिक गृह का संचालन कर रही है। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग हमारे समाज की नींव हैं और उनका सम्मान करना हमारा परम कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि संस्थान प्रतिवर्ष दो प्रमुख अवसरों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करता है—एक ‘विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस’ पर और दूसरा 1 अक्टूबर को मनाए जाने वाले ‘अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस’ पर।

सहयोग का रहा महत्वपूर्ण योगदान

इस आयोजन में विभिन्न सामाजिक संगठनों और कंपनियों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। विशेष रूप से एएलएफ (ALF) इंजीनियरिंग कंपनी का उल्लेख करते हुए शर्मा ने बताया कि यह कंपनी पिछले कई वर्षों से संस्थान के साथ जुड़ी हुई है। कार्यक्रम के दौरान कंपनी के प्रतिनिधियों ने उपस्थित बुजुर्गों का माल्यार्पण कर उनका अभिनंदन किया और उन्हें दैनिक उपयोग की वस्तुएं, बेडशीट और तौलिये उपहार स्वरूप भेंट किए।

क्षमता विस्तार की योजना

संस्थान के भविष्य के लक्ष्यों पर प्रकाश डालते हुए श्री शर्मा ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य अब वरिष्ठ नागरिक गृह की सेवा क्षमता को बढ़ाना है। उन्होंने कहा, “वर्तमान में हमारे पास 25 वरिष्ठ नागरिकों की सेवा की क्षमता है, लेकिन हम इसे जल्द ही बढ़ाकर 50 करने के लिए प्रयासरत हैं। हमारा प्रयास है कि हम अधिक से अधिक बुजुर्गों को गरिमामयी और सुविधापूर्ण जीवन उपलब्ध करा सकें।”

​कार्यक्रम में बुजुर्गों के चेहरे पर दिखाई देने वाली खुशी और संतुष्टि इस बात का प्रमाण थी कि समाज के इस तरह के प्रयास न केवल उनके जीवन में खुशहाली लाते हैं, बल्कि उन्हें यह महसूस कराते हैं कि वे समाज का एक अभिन्न और सम्मानित हिस्सा हैं।

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