​कांवड़ मेला-2026: उत्तराखंड में पहली बार तैनात होंगे प्रशिक्षित ‘साइबर कमांडो’, 24×7 रखेंगे डिजिटल दुनिया पर नज़र, ​भारत सरकार (I4C) व राज्य के कुल 35 प्रशिक्षित साइबर कमांडो हरिद्वार, पटेल भवन और ITDA से संभालेंगे कमान,

तनवीर अली हरिद्वार।

​कांवड़ मेला-2026: उत्तराखंड में पहली बार तैनात होंगे प्रशिक्षित ‘साइबर कमांडो’, 24×7 रखेंगे डिजिटल दुनिया पर नज़र,

• महाकुंभ-2027 के लिए बनेगा मजबूत साइबर सुरक्षा मॉडल; फेक न्यूज, साइबर ठगी और अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

• भारत सरकार (I4C) व राज्य के कुल 35 प्रशिक्षित साइबर कमांडो हरिद्वार, पटेल भवन और ITDA से संभालेंगे कमान

देहरादून/हरिद्वार।

मुख्यमंत्री के निर्देशों और पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ के मार्गदर्शन में उत्तराखंड पुलिस ने कांवड़ मेला-2026 की सुरक्षा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य में पहली बार किसी बड़े धार्मिक आयोजन के लिए अत्याधुनिक तकनीक से लैस प्रशिक्षित ‘साइबर कमांडोज’ की विशेष तैनाती की गई है। यह पहल न केवल कांवड़ यात्रा को सुरक्षित बनाएगी, बल्कि आगामी महाकुंभ-2027 के लिए भी एक मजबूत और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप साइबर सुरक्षा मॉडल तैयार करेगी।

​शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय (पटेल भवन), देहरादून में इन कमांडोज की एक विशेष ब्रीफिंग आयोजित की गई। इस दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि रियल-टाइम मॉनिटरिंग और तुरंत एक्शन के जरिए अपराधियों पर पैनी नज़र रखी जाए।

चार विशेष इकाइयों का गठन, 24 घंटे होगी निगरानी

​साइबर स्पेस, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की सतत निगरानी के लिए 04 विशेष इकाइयां गठित की गई हैं:

  1. साइबर सिक्योरिटी यूनिट (Cyber Security Unit)
  2. सोशल मीडिया मॉनिटरिंग यूनिट (Social Media Monitoring Unit)
  3. साइबर इंटेलिजेंस यूनिट (Cyber Intelligence Unit)
  4. इंसीडेंट रिस्पॉन्स यूनिट (Incident Response Unit)

​ये इकाइयां 24×7 काम करते हुए फेक न्यूज, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली भ्रामक पोस्टों, और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पहचान कर फील्ड टीमों को अलर्ट जारी करेंगी।

35 साइबर कमांडो संभाल रहे हैं कमान

​अभियान के तहत भारत सरकार से आए 31 साइबर कमांडो और उत्तराखंड राज्य के 04 साइबर कमांडो (कुल 35) हरिद्वार कंट्रोल रूम, कांवड़ सेल (पटेल भवन) और आईटीडीए (ITDA) में संयुक्त रूप से तैनात रहेंगे। गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की प्रशिक्षण टीम ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कमांडोज को तकनीकी मार्गदर्शन दिया है।

श्रद्धालुओं को साइबर ठगी से बचाना मुख्य लक्ष्य

​कांवड़ मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की डिजिटल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष प्राथमिकताएं तय की गई हैं:

  • ऑनलाइन फ्रॉड पर रोक: फर्जी होटल एवं ट्रैवल बुकिंग, UPI व QR कोड आधारित धोखाधड़ी और फिशिंग वेबसाइटों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
  • त्वरित कार्रवाई: साइबर हेल्पलाइन 1930 और NCRP पोर्टल से प्राप्त शिकायतों का तुरंत तकनीकी विश्लेषण कर राहत दी जाएगी।
  • अफवाहों पर लगाम: सोशल मीडिया पर शांति भंग करने की नीयत से फैलाई जाने वाली फर्जी खबरों और संदिग्ध खातों को तुरंत ब्लॉक व चिन्हित किया जाएगा।

महाकुंभ-2027 की नींव रखेगा यह अनुभव

​आईजी (एसटीएफ) और एसएसपी (एसटीएफ) ने कमांडोज को संबोधित करते हुए कहा कि कांवड़ मेला-2026 के दौरान प्राप्त होने वाले अनुभव, आंकड़े और बेस्ट प्रैक्टिस का इस्तेमाल आगामी महाकुंभ-2027 की साइबर रणनीतियों और एसओपी (SOP) को तैयार करने में किया जाएगा।

​इस ब्रीफिंग के दौरान Director i4c तरुण उप्पल, एएसपी लोकजीत सिंह, एएसपी शांतनु पराशर, सीओ ऋषि चमोला, और जीएम (आईटीडीए) अनिल जोशी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

You may have missed