स्कूली वाहनों की सुरक्षा पर सख्त परिवहन विभाग, डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर अभियान चलाकर हुई कार्यवाई, तीसरे दिन कई वाहनों के चालान, कई बसें सीज।

तनवीर अली हरिद्वार।

स्कूली वाहनों की सुरक्षा पर सख्त परिवहन विभाग, डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर अभियान चलाकर हुई कार्यवाई, तीसरे दिन कई वाहनों के चालान, कई बसें सीज।

​हरिद्वार। जनपद में स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग का विशेष प्रवर्तन अभियान लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत विभागीय टीम ने सघन चेकिंग करते हुए मानकों का उल्लंघन करने पर 65 स्कूली वाहनों के चालान किए, जबकि तीन बसों को सीज कर दिया गया।

​सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) श्रीमती नेहा झा एवं एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई के दौरान बसों की फिटनेस, परमिट, चालक का ड्राइविंग लाइसेंस, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड किट, महिला अटेंडेंट और इमरजेंसी एग्जिट जैसे मानकों की बारीकी से जांच की गई।

​जांच के दौरान दो बसें बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र और एक बस बिना पंजीकरण के चलती पाई गई, जिन्हें मौके पर ही सीज कर दिया गया। एआरटीओ ने स्पष्ट किया कि बच्चों की जान-माल से खिलवाड़ करने वाले संचालकों पर आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

​स्कूल प्रबंधन व चालकों को सख्त निर्देश।

चेकिंग के दौरान अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन और वाहन चालकों को निर्देश दिए कि वाहनों में सुरक्षा उपकरण हमेशा चालू हालत में रहने चाहिए। नियम-कानूनों का शत-प्रतिशत पालन अनिवार्य है।

​इस अभियान में परिवहन कर अधिकारी वरुणा सैनी, मुकेश भारती और परिवहन उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार शामिल रहे। विभाग ने साफ किया है कि यह चेकिंग अभियान आने वाले दिनों में भी इसी तरह जारी रहेगा।
​2. संक्षिप्त समाचार (शॉर्ट/कॉलम न्यूज हेतु)
​स्कूली वाहनों पर कार्रवाई: 65 चालान, 3 बसें सीज
​हरिद्वार। परिवहन विभाग ने स्कूली वाहनों के खिलाफ तीसरे दिन भी सघन चेकिंग अभियान चलाया। डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर एआरटीओ नेहा झा व निखिल शर्मा के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर 65 वाहनों का चालान किया गया।
​गंभीर अनियमितता मिलने पर बिना फिटनेस चल रही 2 और बिना रजिस्ट्रेशन दौड़ रही 1 बस को सीज कर दिया गया। एआरटीओ नेहा झा ने बताया कि बसों में फर्स्ट एड किट, फायर फाइटर, महिला अटेंडेंट और फिटनेस संबंधी कमियां पाई गईं। विभाग ने चेतावनी दी है कि बच्चों की सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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