चारधाम यात्रियों के आर्थिक शोषण पर परिवहन विभाग का बड़ा एक्शन,​ सामान्य पैसेंजर बनकर ई-रिक्शा में घूमे एआरटीओ निखिल शर्मा, खौली अवैध वसूली की पोल, ​ओवरचार्जिंग के साथ क्षमता से अधिक सवारियां भरने पर भी कड़ा एक्शन, चालकों में मचा हड़कंप,

तनवीर अली हरिद्वार।

यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने वाले ई-रिक्शा चालकों पर कसा शिकंजा, एआरटीओ ने खुद सामान्य यात्री बनकर की छापेमारी,

​बड़ी कार्रवाई: जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर परिवहन विभाग का औचक निरीक्षण।

​सख्त संदेश: ओवरचार्जिंग और ओवरलोडिंग के मामले में 3 ई-रिक्शा सीज, चालकों में हड़कंप।

​नियम: शासन के अनुसार ई-रिक्शा का अधिकतम किराया ₹12 प्रति किलोमीटर (समस्त सवारियों का मिलाकर) है तय।

​हरिद्वार, 10 जून

चारधाम यात्रा के मद्देनजर हरिद्वार आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं और स्थानीय यात्रियों की सुविधा व सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन बेहद सख्त हो गया है। यात्रियों के आर्थिक शोषण और मनमाने किराए की मिल रही शिकायतों पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कड़ा संज्ञान लिया है। उनके निर्देश पर बुधवार को एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा ने खुद एक सामान्य यात्री बनकर विभिन्न मार्गों पर ई-रिक्शाओं में सफर किया और औचक जांच अभियान चलाया। इस गुप्त कार्रवाई के दौरान ओवरचार्जिंग और ओवरलोडिंग करने वाले तीन ई-रिक्शाओं को मौके पर ही सीज कर दिया गया।
​केस 1: ₹20 की जगह वसूले ₹50
​एआरटीओ निखिल शर्मा ने सबसे पहले ऋषिकुल से शिवमूर्ति चौक तक एक ई-रिक्शा में सामान्य यात्री की तरह सफर किया। इस दूरी का सामान्य किराया करीब ₹20 होना चाहिए था, लेकिन चालक ने ₹50 की मांग की और वसूले। नियमों के उल्लंघन और यात्रियों के शोषण पर इस ई-रिक्शा को तुरंत सीज कर दिया गया।
​केस 2: ₹30 के किराये की जगह सीधे ₹150 की मांग
​इसके बाद शिवमूर्ति चौक से भगत सिंह चौक तक की यात्रा के दौरान दूसरे ई-रिक्शा चालक ने हद पार कर दी। जहां का सामान्य किराया ₹30 होना चाहिए, वहां चालक ने ₹150 की मांग कर डाली। चारधाम यात्रियों की जेब पर डाका डालने के इस गंभीर मामले में वाहन को तत्काल प्रभाव से सीज किया गया।
​केस 3: मनमाना किराया भी और जान जोखिम में डालकर ओवरलोडिंग भी
​तीसरा मामला भगत सिंह चौक से शिवालिक नगर मार्ग पर सामने आया। यहां ई-रिक्शा चालक ने न केवल निर्धारित से कई गुना अधिक किराया वसूला, बल्कि क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर ओवरलोडिंग भी कर रखी थी। यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ मानते हुए इस ई-रिक्शा को भी सीज कर दिया गया।
​क्या है शासन का नियम?
​एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा ने स्पष्ट किया कि शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार, ई-रिक्शा द्वारा समस्त सवारियों से मिलाकर अधिकतम ₹12 प्रति किलोमीटर की दर से ही किराया लिया जा सकता है। इसके बावजूद कुछ चालक यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर कई गुना अधिक किराया वसूल रहे हैं, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
​तैयार हो रहा है अधिकारियों का रोस्टर, जारी रहेगा अभियान
​परिवहन विभाग के इस औचक निरीक्षण से शहर के ई-रिक्शा चालकों में हड़कंप मच गया है। एआरटीओ ने बताया कि चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी परिवहन और प्रवर्तन अधिकारियों का एक रोस्टर तैयार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में विभिन्न मार्गों पर इसी तरह के गुप्त और औचक निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे।
​यात्रियों से अपील: तुरंत करें शिकायत
​परिवहन विभाग ने आम जनता और चारधाम यात्रियों से अपील की है कि यदि कोई भी ई-रिक्शा चालक निर्धारित किराए से अधिक पैसे मांगता है या ओवरलोडिंग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत परिवहन विभाग को दें ताकि दोषियों के खिलाफ तत्काल कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जा सके।

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