डीपीएस रानीपुर में सीबीएसई सीओई द्वारा आयोजित “मूल्यांकन एवं आकलन प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने” विषय पर दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला हुई सम्पन्न…. कार्यशाला में विभिन्न सीबीएसई विद्यालयों से आए शिक्षकों ने प्रतिभागिता की…

तनवीर अली हरिद्वार।

दिल्ली पब्लिक स्कूल रानीपुर में सीबीएसई सीओई देहरादून द्वारा आयोजित “मूल्यांकन एवं आकलन प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने” विषय परदो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला सम्पन्न।*
सीबीएसई सीओई द्वारा “मूल्यांकन एवं आकलन प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने” विषय पर दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का सफल आयोजन दिनांक 13 एवं 14 फरवरी 2026 को सीबीएसई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, देहरादून द्वारा किया गया, जिसकी मेजबानी दिल्ली पब्लिक स्कूल, रानीपुर ने की। इस कार्यशाला में विभिन्न सीबीएसई विद्यालयों से आए शिक्षकों ने प्रतिभागिता की।
विषय विशेषज्ञों के रूप में श्रीमती रमनीत स्वरूप, प्रधानाचार्य, भारतीय अकादमी, रुड़की, एवं श्रीमती सरबजीत सिंह, वरिष्ठ शिक्षा विशेषज्ञ , द वेस्टमिंस्टर स्कूल, दुबई उपस्थित रहीं
इस कार्यशाला में भाग लेने वाले में बीएमएल मुंजाल ग्रीन मीडोज बहादराबाद, सेंट जेवियर्स स्कूल, आर्मी पब्लिक स्कूल नं. 1 रुड़की, मॉन्टफोर्ट स्कूल रुड़की, विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल रानीपुर, शिव नेशनल पब्लिक स्कूल, दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल पानीपत, दून वैली स्कूल पांवटा साहिब, डीपीएस रानीपुर तथा सेंट मैरीज हरिद्वार से प्रतिभागी सम्मलित हुए।
प्रथम दिवस के सत्र में प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम जग्गा ने प्रतिभागियों सम्बोधित करते हुए कहा कि मूल्यांकन एवं आकलन को सुदृढ़ करना शिक्षा प्रणाली से जुड़े सभी वर्गो की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों द्वारा सीबीएसई की मूल्यांकन सुधार प्रक्रिया के विकास क्रम को स्पष्ट किया तथा प्रतिभागियों को प्रभावी ब्लूप्रिंट तैयार करने हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया। अन्य सत्रों में पोर्टफोलियो निर्माण एवं उसकी शैक्षणिक प्रासंगिकता, विभिन्न मूल्यांकन मानकों एवं रूब्रिक्स के उपयोग पर विस्तृत चर्चा की गई। चर्चाओं में संरचित, दक्षता-आधारित तथा शिक्षार्थी-केंद्रित मूल्यांकन पद्धतियों की ओर बढ़ते परिवर्तन पर विशेष बल दिया गया।
प्रतिभागियों ने कक्षा 12 के लिए बोर्ड परीक्षाओं 2026 के संचालन एवं डिजिटल मूल्यांकन विषय पर आयोजित आॅनलाईन सीबीएसई वेबिनार में भी भाग लिया, जिससे आगामी परीक्षा प्रक्रियाओं के संबंध में समयोचित स्पष्टता प्राप्त हुई।
सत्र के दूसरे दिन का आरम्भ संगीत-आधारित समन्वय गतिविधि से हुई, जिसने सीखने के वातावरण को ऊर्जावान बना दिया। सत्रों में आकलन और मूल्यांकन के बीच अंतर, ब्लूम्स टैक्सोनॉमी का व्यावहारिक अनुप्रयोग, स्टैंडर्ड एवं बेसिक गणित का परिचय, कौशल एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रम, स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा का मुख्यधारा में समावेशन, कला एकीकरण तथा पोजिशनल ग्रेडिंग प्रणाली जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से रूब्रिक्स तथा ब्लूम्स टैक्सोनॉमी के अनुरूप प्रश्नपत्र तैयार किए, जिससे सैद्धांतिक ज्ञान को कक्षा-उपयोगी अभ्यास में रूपांतरित किया जा सके।
सभी प्रतिभागियों ने इस ज्ञानवर्धक कार्यशाला के आयोजन के सीबीएसई सीओई देहरादून एवं दिल्ली पब्लिक स्कूल रानीपुर का आभार व्यक्त किया।

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