साइबर ठगों पर एसपी अजय सिंह का बड़ा प्रहार: हेल्पलाइन 1930 बनी साइबर पीड़ितों का सहारा एसटीएफ ने ठगे गए ₹21.85 करोड़ कराए होल्ड…

तनवीर अली हरिद्वार।

साइबर ठगों पर एसपी अजय सिंह का बड़ा प्रहार: हेल्पलाइन 1930 बनी साइबर पीड़ितों का सहारा एसटीएफ ने ठगे गए ₹21.85 करोड़ कराए होल्ड,

ऑनलाइन ठगी पर एसटीएफ का बड़ा एक्शन: 1930 हेल्पलाइन के जरिए साइबर पीड़ितों के ₹21.85 करोड़ बचाए,
उत्तराखंड में साइबर ठगों के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) एसटीएफ के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय वित्तीय हेल्पलाइन ‘1930’ की टीम ने त्वरित कदम उठाकर वर्ष 2026 में अब तक साइबर अपराध के शिकार पीड़ितों की ₹21.85 करोड़ की भारी-भरकम राशि डूबने से बचाई है।
एसटीएफ की टीम प्रतिदिन मिलने वाली शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लेते हुए ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों को तत्काल फ्रीज (Freeze) करा रही है।
अगस्त माह में हुई प्रमुख कार्रवाइयाँ
चालू माह अगस्त 2026 में 1930 कंट्रोल रूम की सतर्कता से दर्जनों लोगों के लाखों रुपये होल्ड कराए गए। इनमें से कुछ प्रमुख मामले इस प्रकार हैं:
डिजिटल अरेस्ट ठगी से राहत: रायपुर (देहरादून) निवासी देवपाल से हुए ₹21 लाख के ‘डिजिटल अरेस्ट’ फ्रॉड में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ₹16.36 लाख की राशि होल्ड कराई।
शेयर बाजार निवेश के नाम पर धोखा: अल्मोड़ा निवासी मुकेश लाल के साथ स्टॉक मार्केट में निवेश का झांसा देकर हुई ₹17.04 लाख की ठगी में I4C व नोडल अधिकारियों के सहयोग से ₹15.96 लाख रिकवर/होल्ड किए गए।
रामनगर व देहरादून में त्वरित रिकवरी: नैनीताल के रामनगर निवासी सुलेमान के ₹3.66 लाख और कैंट (देहरादून) निवासी देवेंद्र कुमार के ₹1 लाख पूरे के पूरे होल्ड करा लिए गए।
अन्य जनपदों में कार्रवाई: इसके अलावा चमोली, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल समेत कई जिलों के पीड़ितों द्वारा 1930 पर दी गई शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए लाखों रुपये की धनराशि बैंक खातों में ब्लॉक करवाई गई।
एसटीएफ की जनता से अपील: इन बातों का रखें ध्यान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने आम नागरिकों को जागरूक रहने की सलाह दी है:
डिजिटल अरेस्ट एक ढोंग है: कोई भी सरकारी या जांच एजेंसी (जैसे पुलिस, CBI, ED) ऑनलाइन या वीडियो कॉल के जरिए “गिरफ्तार” नहीं करती। ऐसे फोन आने पर घबराएं नहीं।
गोपनीयता बनाए रखें: अपना बैंक खाता, OTP, ATM कार्ड या UPI PIN किसी के साथ साझा न करें।
खाता किराए पर देना अपराध: अपना बैंक अकाउंट किसी को किराए या कमीशन पर न दें। यदि खाते में कोई अज्ञात पैसा आए तो तुरंत बैंक व पुलिस को सूचित करें।
प्रलोभन से बचें: कम समय में ज्यादा मुनाफा देने वाली फर्जी वेबसाइटों या शेयर बाजार में निवेश के झांसे में न आएं।
गूगल से नंबर न लें: गूगल पर मिलने वाले कस्टमर केयर नंबरों पर बिना जांच-पड़ताल किए कॉल न करें।
तत्काल सहायता के लिए: किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

You may have missed