श्री गुरु रविदास की मूर्ति स्थापना में बुग्गावाला गांव पहुंचे हिमाचल के महामहिम राज्यपाल…..गुरु रविदास किसी विशेष जाति के नहीं थे… वो हर समाज के है….राजेन्द्र आर्लेकर राज्यपाल…

हिमाचल के राज्यपाल राजेन्द्र आर्लेकर ने कहा कि गुरु रविदास किसी विशेष जाति के नहीं थे। संत रविदास के विचार सुनकर ही पता चलेगा कि वह विशेष जाति के थे। उन्होंने बड़े स्तर पर समाज को एकत्रित करने का काम किया है।

राज्यपाल बुग्गावाला गांव में श्री गुरु रविदास की मूर्ति स्थापना में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने समाज में जागरूकता लाने का काम किया, उस जागरूकता में वह सफल भी हुए। उन्होंने जितने भी कार्य किए, वह समाज को एकत्र करने के लिए किए हैं। गुरु रविदास का जीवन समाज के लिए समर्पित था। उन्होंने कहा कि आज उनके आदर्शों पर चलकर समाज को एकत्रित करने के लिए काम करने की आवश्यकता है। रविदास ऐसे संत थे जिन्होंने खुद के लिए अपना जीवन नहीं जिया। उनका जीवन समाज और दूसरों के लिए था। आज श्री गुरु रविदास के आदर्शों को पढ़कर ही आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

श्री संत गुरु रविदास विश्व महापीठ के अंतर्राष्ट्रीय राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद दुष्यन्त गौतम ने कहा कि गुरु रविदास एवं कबीर और गुरु नानक जैसे महापुरुषों ने देश की संस्कृति और धर्म को बचाने का काम किया है। गुरु रविदास जात-पात से ऊपर उठकर ऐसे समाज की कल्पना कर रहे थे जिसमें जात-पात और छोटा बड़ा न हो। सबको बराबर का हक मिले। उस समय की वाणी आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चरितार्थ हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही देश को 12 मंत्री दलित समाज से मिले हैं। उन्होंने कहा कि उस समय में गुरु रविदास ने जो जात-पात की लड़ाई लड़ी थी उस लड़ाई के माध्यम से ही यह छुआ-छूत एवं जात-पात दूर हुआ है। इस दौरान श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भाजपा विधायक रविदासाचार्य सुरेश राठौर, पीठ के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री सुरजभान कटारिया, आत्मा भाई परमार, जिला अध्यक्ष अधिवक्ता अशोक कुमार, किशोर कुमार, आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

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