कुम्भ मेला कोरोना जांच घोटाले में फरार चल रहे मैक्स कारपोरेट सर्विसेज के साझेदार पंत दंपति को हरिद्वार पुलिस ने किया गिरफ्तार….प्रेस वार्ता के एसएसपी ने किया खुलासा…

हरिद्वार। कोरोना जांच घोटाले में फरार चल रहे मैक्स कारपोरेट सर्विसेज के साझेदार पंत दंपति को हरिद्वार पुलिस ने नोएडा से गिरफ्तार कर पुलिस की टीम लेकर पहुंची।एसएसपी हरिद्वार डॉ योगेंद्र सिंह रावत ने कुंभ मेले के दौरान कोविड टेस्ट घोटाले के मामले में गिरफ्तारी को लेकर आज पुलिस ऑफिस रोशनाबाद में प्रेसवार्ता के दौरान खुलासा किया।

आपको बता दे कुंभ-2021 में करोना जांच को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया था। तत्कालीन सीएमओ रहे शंभूनाथ झा ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि कोरोना जांच के नाम पर करोड़ों रुपए की रकम की चपत लगाई गई है और फर्जी नाम टेस्टिंग में दर्शाए गए हैं। हरिद्वार कोतवाली पुलिस ने इस पूरे खेल में मुख्य भूमिका निभाने वाली मैक्स कारपोरेट सर्विसेज के पार्टनर शरत पंत और उसकी पत्नी मल्लिका पंत एवं एक लैब स्वामी के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई शुरू करते हुए मुनादी करा दी थी। लेकिन आरोपी हत्थे नहीं चढ़े थे। दो दिन पहले हरिद्वार पुलिस की एक टीम आरोपी दंपति की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली रवाना हुई थी। संभावित स्थानों की छापेमारी के बाद पुलिस टीम ने आरोपी दंपति को नोएडा से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम दोनों को हरिद्वार लेकर पहुँची जिसके बाद आला अधिकारियों की मौजूदगी में खुलासा किया गया

कोरोना की पहली लहर के बाद ही संपन्न हुए कुंभ 2021 में आने वाले श्रद्धालुओं की कोरोना जांच के लिए मेला स्थल सहित हरिद्वार की सीमाओं पर कई जगह कोरोना टेस्टिंग की व्यवस्था की गई थी।

पुलिस ने दौराने विवेचना अभियोग में गवाहो के बयान अंकित कर दस्तावेजी साक्ष्य संकलित किये गये, विवेचना में यह तथ्य प्रकाश में आये कि मैक्स कोरपोरेट सर्विसेस फर्म के पार्टनर्स मुख्य अभियुक्तगण शरत पन्त तथा उसकी पत्नी श्रीमती मल्लिका पन्त द्वारा कुम्भ मेला अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) को गुमराह करते हुये एक MOU जो नलवा लैब हिसार तथा लालचन्दानी लैब दिल्ली के साथ था, को दर्शाते हुये कुम्भ मेले के दौरान कोविड -19 टेस्टिंग का ठेका सरकार से लिया गया, उक्त फर्म के पार्टनर्स शरत पन्त तथा उनकी पत्नी श्रीमती मल्लिका पन्त के द्वारा एक आपराधिक षडयन्त्र के तहत आशीष वशिष्ठ, डेलफिया लेब भिवानी हरियाणा, जो स्वयं में ICMR में कोविड टेस्ट के लिये अधिकृत नही है, को शामिल किया गया। जबकि नियमानुसार कोविड-19 टैस्टिंग हेतु केवल ICMR से अधिकृत लैब ही टैस्टिंग हेतु आवेदन कर सकती थी।

उक्त प्रकरण की विवेचना में S.I.T द्वारा अभियुक्त आशीष वशिष्ठ को पूर्व मे ही दिनांक 21.07.2021 को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश कर न्यायिक हिरासत मे जिला कारागार हरिद्वार भेजा जा चुका है। जो वर्तमान में भी जिला कारागार हरिद्वार मे निरुध है।

दौराने विवेचना दस्तावेजो के अध्ययन करने पर यह पाया गया कि अधिकांश एन्ट्रीयाँ जनपद से बाहर अन्य राज्यो ( राजस्थान, उत्तर प्रदेश इत्यादि) मे की गयी है, यह भी प्रकाश मे आया कि कुंभ मेले के दौरान आने वाले श्रृधालुओ के नाम पर फर्जी फर्जी कोविड टैस्टिंग के आंकडे तैयार किये गये, जिसमें 1,24031 व्यक्तियों की कोविड टेस्टिंग करना बताते हुये 4 करोड से अधिक का बिल प्रस्तुत किया था, जिनमें से 15,41670 रूपये के बिल अभि0गण प्राप्त करने में सफल हो चुके हैं। इस प्रकार अभि0 गण द्वारा ICMR के पोर्टल पर वास्तविक टैस्टिंग के मुकाबले भारी संख्या में फर्जी टैस्टिंग दिखाकर फर्जी बिल, आँकडे व फर्जी कार्यवाही करते हुये ICMR की साइट पर अपलोड कर सरकार को उन आंकडो के आधार पर सरकार से 354 रू0 प्रति व्यक्ति के टैस्टिंग के हिसाब से बिल बनाकर 04 करोड से अधिक रूपये सरकारी धन को धोखे से अपने पक्ष में अवमुक्त कराने का प्रयास किया गया, तथा अभियुक्त गण द्वारा अन्य सह अभियुक्त गण के साथ मिलकर आपराधिक षडयन्त्र के तहत कूटरचित दस्तावेज तैयार कर कुम्भ मेला अधिकारीयों के समक्ष प्रस्तुत कर धोखे से टैण्डर प्राप्त किये जाने सम्बन्धित साक्ष्य प्राप्त होने पर विवेचना में धारा 467 भादवि की वृद्धी की गयी। विवेचना में प्रकाश में आये मुख्य अभियुक्तगण मैसर्स मैक्स कार्पोरेट सर्विस के पार्टनर शरद पंत एंव मल्लिका पंत के विरुध S.I.T द्वारा माननीय न्यायालय से N.B.W प्राप्त किये गये तत्पश्चात उक्त मुख्य अभियुक्तगण के विरुध कुर्की सम्बन्धी उद्घोषणा माननीय न्यायालय से प्राप्त कर उनके घर पर मुनादी कराकर धारा 82 सीआरपीसी का नोटिस चस्पा कराया गया। अभियुक्तगण द्वारा माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल से अपनी गिरफ्तारी पर रोक सम्बन्धी आदेश प्राप्त किया गया किन्तु उक्त आदेश के समाप्त होने के पश्चात से अभियुक्तगण फरार चल रहे थे। मुख्य अभियुक्त गण की गिरफ्तारी हेतु डाँ0 योगेन्द्र सिह रावत, पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिदवार महोदय द्वारा दिये गये निर्देशो के क्रम में श्रीमती कमलेश उपाध्याय, पुलिस अधीक्षक नगर महोदय, व क्षेत्राधिकारी ज्वालापुर महोदय के निर्देशन मे प्रभारी निरीक्षक श्री राकेन्द्र कठैत के नेतृत्व में पुलिस टीमो द्वारा निरंतर अभियक्त गण के सम्भावित ठिकानो पर दबिष दी जा रही थी। साथ ही एसओजी हरिदवार के सहयोग से अभियुक्तगण के मोबाईल को सर्विलांस पर लेते हुए पुलिस द्वारा ठोस सुरागरसी-पतारसी करते हुए मुखबिर मामूर किये गये थे। पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुई कि दिनांक 07/08/11.2021 की रात्रि में अभियुक्त गण कुछ सामान आदि लेने अपने आवास B-56 सेक्टर 48 नोयडा पहुंच रहे है, जिस पर पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त शरद पंत एवं उनकी पत्नी मल्लिका पंत को दिनांक 08.11.2021 को समय 00.15 बजे उनके आवास से हस्व कायदा से पुलिस हिरासत मे लिया गया, जिन्हे आज मा0 न्यायालय में पेश किया जा रहा है। इस सम्बन्ध में इनके साथ इस षडयन्त्र में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका के सम्बन्ध में विवेचना प्रचलित है।

गिरफ्तार अभियुक्त- 1- शरद पंत पुत्र हरिश पंत निवासी फ्लैट न0 B-56 सेक्टर 49 थाना सेक्टर 49 जिला नोयडा (उ0प्र0) 2- मल्लिका पंत पत्नी शरद पंत निवसी फ्लैट न0 B-56 सेक्टर 49 थाना सेक्टर 49 जिला नोयडा (उ0प्र0)

पुलिस टीम में, श्रीमति कमलेश उपाध्याय, पुलिस अधीक्षक नगर हरिद्वार।सुश्री रेखा यादव, सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी ज्वालापुर हरिद्वार। राकेन्द्र कठैत प्रभारी, निरीक्षक कोतवाली नगर हरिदवार। उ0नि0 रणजीत सिंह, प्रभारी सीआईयू हरिद्वार। व0उ0नि0 अरविन्द रतूडी, कोतवाली नगर हरिद्वार। उ0नि0 लक्ष्मी मनोला , कोतवाली नगर हरिद्वार। उ0नि0 संजीत कण्डारी, पुलिस कार्यालय हरिद्वार। कानि0 08 शशिकान्त त्यागी, कोतवाली नगर हरिद्वार। कानि0 203 रविपंत, कोतवाली नगर हरिद्वार। कानि0 1468 रोहित नौटियाल, कोतवाली नगर हरिद्वार। म0का0 1491 रजनी बिष्ट, कोतवाली नगर हरिद्वार। शामिल रहे।

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