सिडकुल में साईनोकेम फैक्ट्री में रक्तदान शिविर आयोजित, कर्मचारियों ने किया 117 यूनिट रक्तदान,कार्यक्रम को सफल बनाने में फैक्ट्री प्रबंधन का रहा विशेष योगदान, प्रबंधन ने रक्तदान करने वाले सभी कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया और उनके इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा की…

तनवीर अली हरिद्वार।

सिडकुल में साईनोकेम फैक्ट्री में रक्तदान शिविर आयोजित, कर्मचारियों ने किया 117 यूनिट रक्तदान,कार्यक्रम को सफल बनाने में फैक्ट्री प्रबंधन का रहा विशेष योगदान, प्रबंधन ने रक्तदान करने वाले सभी कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया और उनके इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा की…

 

हरिद्वार: सिडकुल स्थित साईनोकेम फैक्ट्री परिसर में सामाजिक सरोकार के तहत एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में फैक्ट्री के कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मानवता के नाते स्वेच्छा से रक्तदान किया। शिविर में भूमानंद अस्पताल ब्लड बैंक की टीम ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।

​117 यूनिट रक्त का हुआ संग्रह।

शिविर में कर्मचारियों में भारी उत्साह देखने को मिला। दिनभर चले इस शिविर में कुल 117 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। आयोजकों ने बताया कि यह रक्त जरूरतमंद मरीजों की जान बचाने के काम आएगा। शिविर की सबसे खास बात यह रही कि रक्तदान करने वाले सभी प्रतिभागी पूरी तरह स्वस्थ रहे और प्रक्रिया के दौरान किसी भी कर्मचारी को स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या नहीं हुई।

​अधिकारी रहे मौजूद।

कार्यक्रम को सफल बनाने में फैक्ट्री प्रबंधन का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर साईनोकेम के मुख्य अध्यक्ष (तकनीकी) श्री रंजन नायक, हेड एचआर श्री प्रशांत कुमार, उपाध्यक्ष श्री बालेन्दर चौधरी, उपाध्यक्ष श्री दीपक बेनीवाल, महाप्रबंधक श्री विकास राठौर, प्लांट एचआर श्री गिरीश बुघानी और ईएचएस मैनेजर श्री शुभम् कुमार गुप्ता विशेष रूप से मौजूद रहे। प्रबंधन ने रक्तदान करने वाले सभी कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया और उनके इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा की।

​सामूहिक सहयोग से मिली सफलता।

शिविर के आयोजन में फैक्ट्री के सभी कर्मचारियों का भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ। प्रबंधन ने भूमानंद अस्पताल ब्लड बैंक की टीम और शिविर में योगदान देने वाले सभी साथियों का आभार व्यक्त किया। अंत में, कंपनी के अधिकारियों ने दोहराया कि भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक और मानवीय कार्यों में साईनोकेम परिवार बढ़-चढ़कर योगदान देता रहेगा।

 

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