तनवीर अली हरिद्वार।
हरिद्वार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में उद्योग सचिव और उद्यमियों के बीच ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर हुआ सीधा संवाद, उत्तराखंड में निवेशकों और उद्योगों के लिए बन रहा अनुकूल माहौल: विनय शंकर पांडे…
उत्तराखंड में औद्योगिक विकास को नई गति देने और कारोबार को अधिक सरल, पारदर्शी व निवेशक-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से रोशनाबाद स्थित एक निजी होटल में राज्य स्तरीय ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ कार्यशाला का आयोजन किया गया। उद्योग विभाग, उत्तराखंड शासन तथा उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT), भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश भर के उद्योग संघों, औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख इकाइयों के 100 से अधिक उद्यमियों व प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यशाला के दौरान उत्तराखंड शासन के उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे और उपस्थित उद्यमियों के बीच विभिन्न प्रक्रियाओं को सुगम बनाने और व्यावहारिक चुनौतियों को दूर करने पर व्यापक चर्चा हुई।
डिजिटलीकरण और सिंगल विंडो सिस्टम से बढ़ा निवेशकों का भरोसा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के लिए एक पारदर्शी और सुगम वातावरण तैयार करने हेतु लगातार सुधारात्मक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि विभागीय प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण, समयबद्ध सेवाओं और सिंगल विंडो सिस्टम के सुदृढ़ीकरण से नए निवेशकों को उद्योग लगाने में काफी सहूलियत मिल रही है। उन्होंने उद्यमियों द्वारा दिए गए सुझावों को नीति निर्धारण के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।
उद्यमियों के सुझावों के आधार पर होंगे नीतिगत सुधार
DPIIT, भारत सरकार की अपर सचिव हिमानी पांडे ने उद्यमियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं और अनुभवों को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बेहतर कारोबारी माहौल बनाने के लिए प्रयासरत हैं और प्राप्त सुझावों के आधार पर सुधारों को और प्रभावी बनाया जाएगा।
DPIIT के निदेशक राकेश कुमार प्रजापति ने राज्य में हुए प्रमुख सुधारात्मक कार्यों की सराहना की, वहीं उद्योग महानिदेशक एवं आयुक्त डॉ. सौरभ गहरवार ने कहा कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ केवल एक रैंकिंग नहीं, बल्कि उद्योगों को निरंतर बेहतर सेवाएं देने की प्रक्रिया है।
त्वरित समाधान और पारदर्शी सेवाओं के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध
हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने हरिद्वार को राज्य का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बताते हुए कहा कि जिला प्रशासन पारदर्शी व समयबद्ध सेवाएं देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी विभागों को आपस में समन्वय बनाकर उद्योगों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए।
कार्यशाला का सफल संचालन संयुक्त निदेशक उद्योग अनुपम द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर उद्योग विभाग के अपर निदेशक शिखर सक्सैना, जिला उद्योग केंद्र हरिद्वार के महाप्रबंधक उत्तम कुमार तिवारी सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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