मगध साइबर गैंग का ऋषिकेश नेटवर्क ध्वस्त: शामपुर पुलिस और CIU हरिद्वार की संयुक्त कार्रवाई में मुख्य मददगार गिरफ्तार,18 बैंक खाते कराए थे उपलब्ध, लेता था मोटा कमीशन,पकड़े जाने के डर से मिटाए थे साक्ष्य…

मगध साइबर गैंग का ऋषिकेश नेटवर्क ध्वस्त: शामपुर पुलिस और CIU हरिद्वार की संयुक्त कार्रवाई में मुख्य मददगार गिरफ्तार,18 बैंक खाते कराए थे उपलब्ध, लेता था मोटा कमीशन,पकड़े जाने के डर से मिटाए थे साक्ष्य,

हरिद्वार। साइबर अपराधियों के खिलाफ हरिद्वार पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह के सख्त निर्देशों पर काम करते हुए कोतवाली शामपुर पुलिस और सीआईयू (CIU) हरिद्वार की विशेष टीम ने ‘मगध साइबर गैंग’ के ऋषिकेश स्थित नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। पुलिस ने गैंग को फर्जी बैंक खाते (Mule Accounts) उपलब्ध कराने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

ब्रेकिंग न्यूज़: चंद्रेश्वर रोड से घेराबंदी कर दबोचा गया आरोपी

​श्यामपुर कोतवाली में दर्ज मु0अ0सं0-100/2026 में वांछित चल रहे आरोपी सागर पाण्डेय की तलाश के लिए उप-निरीक्षक देवेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया था। सीआईयू (CIU) हरिद्वार द्वारा आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट्स की ट्रैकिंग के आधार पर उसकी सटीक लोकेशन चंद्रेश्वर रोड, मायाकुंड (ऋषिकेश) मिली। सूचना पर कोतवाली शामपुर और सीआईयू की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और काले रंग की स्कूटी पर सवार होकर जा रहे आरोपी सागर पाण्डेय को रंगे हाथों धर दबोचा।

18 बैंक खाते कराए थे उपलब्ध, लेता था मोटा कमीशन

​पूछताछ में सामने आया कि मूल रूप से ग्राम सिकंदपुर, जिला बलिया (उ०प्र०) का रहने वाला आरोपी सागर पाण्डेय ऋषिकेश में रहकर गिरोह का काम देख रहा था। वह गैंग के पूर्व में जेल जा चुके मुख्य सरगना कृष्णा पाण्डेय के सीधे संपर्क में था। आरोपी स्थानीय लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और इन ‘म्यूल अकाउंट्स’ को ठगी की रकम मंगाने के लिए गिरोह को देता था। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने विशाल और श्याम नामक व्यक्तियों के कुल 18 बैंक खाते गिरोह को मुहैया कराए थे, जिसके एवज में उसे भारी कमीशन मिलता था।

पकड़े जाने के डर से मिटाए थे साक्ष्य

​आरोपी बेहद शातिर है। अपने 5 साथियों की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही उसने पकड़े जाने के डर से मोबाइल से सभी व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड्स और संपर्क नंबर डिलीट कर दिए थे। हालांकि, पुलिस टीम की तकनीकी जांच के आगे उसकी चालाकी काम न आई और मोबाइल की गैलरी से बैंक खातों से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद कर लिए गए।

अभियोग एवं बरामदगी का विवरण

  • मुकदमा: मु0अ0सं0 100/2026, कोतवाली शामपुर, जनपद हरिद्वार
  • बरामदगी: 01 अदद मोबाइल फोन (REALME), बैंक खातों व चैट से संबंधित रिकवर्ड डिजिटल दस्तावेज।
  • अभियुक्त: सागर पाण्डेय (पुत्र राधेराम पाण्डेय), निवासी- ग्राम सिकंदपुर, जिला बलिया (उ०प्र०), हाल निवासी- मायाकुंड, ऋषिकेश।

सराहनीय पुलिस टीम

  1. कोतवाली शामपुर पुलिस: थानाध्यक्ष नितेश शर्मा, चौकी प्रभारी चंडी घाट उप-निरीक्षक देवेंद्र सिंह तोमर, कांस्टेबल विनित कुमार, कांस्टेबल राहुल देव।
  2. सीआईयू (CIU) हरिद्वार टीम: कांस्टेबल वसीम एवं सीआईयू की विशेष टीम।

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