कुम्भ-2027: मेलाधिकारी सोनिका ने किया हरकी पैड़ी व रोड़ीबेलवाला का निरीक्षण, दिए युद्धस्तर पर काम शुरू करने के निर्देश, कुम्भ की तैयारियों को अब धरातल पर उतारने की कवायद हुई तेज,

तनवीर अली हरिद्वार।

कुम्भ-2027: मेलाधिकारी सोनिका ने किया हरकी पैड़ी व रोड़ीबेलवाला का निरीक्षण, दिए युद्धस्तर पर काम शुरू करने के निर्देश, कुम्भ की तैयारियों को अब धरातल पर उतारने की कवायद हुई तेज,

​हरिद्वार, 14 जुलाई:
कुम्भ मेला-2027 की तैयारियों को अब धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है। मंगलवार को मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने हर की पैड़ी और रोड़ीबेलवाला क्षेत्र में संचालित तथा प्रस्तावित विभिन्न पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण परियोजनाओं का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि कांवड़ मेला संपन्न होते ही सभी निर्माण कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित किया जाए।
​भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर हो रहा विकास
निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने कहा कि कुम्भ-2027 के लिए विकसित की जा रही आधारभूत संरचनाएं केवल आयोजन की तात्कालिक जरूरतों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये भविष्य के हरिद्वार को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य टिकाऊ, सुरक्षित और दीर्घकालिक उपयोगिता वाले होने चाहिए। श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर दिया गया।
​प्रमुख बिंदु:
​आस्था पथ का विस्तार: धनुष पुल से बैरागी कैंप क्षेत्र तक आस्था पथ का विस्तार किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम होगी।
​हर की पैड़ी पुनर्विकास: लगभग 66.77 करोड़ रुपये की लागत से छह हेक्टेयर क्षेत्र में घाटों का नवीनीकरण, वॉकवे निर्माण और आधुनिक प्रकाश व्यवस्था की जा रही है। इसका काम शुरू हो चुका है।
​रोड़ीबेलवाला का कायाकल्प: 58.39 करोड़ रुपये की लागत से 45 हेक्टेयर क्षेत्र में पार्किंग, वेंडिंग ज़ोन, सड़कों का चौड़ीकरण और जनसुविधाओं का विकास किया जाएगा।
​सुरक्षा व सुविधा: श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पैदल मार्गों पर मजबूत रेलिंग और भीड़ प्रबंधन के लिए सुव्यवस्थित प्रवेश-निकास मार्ग विकसित किए जाएंगे।
​हरित हरिद्वार का संकल्प
मेलाधिकारी ने आस्था पथ और घाटों के किनारे हरित पट्टियां विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय जलवायु के अनुकूल फूलों और शोभाकार पौधों के रोपण पर जोर देते हुए कहा कि एक स्वच्छ और हरित वातावरण कुम्भ की दिव्यता को और भव्य बनाएगा।
​इस अवसर पर अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सीओ (कुंभ) बिपेन्द्र सिंह, यूपीडीसीसी के परियोजना प्रबंधक सुमित मालवाल और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी व अभियंता मौजूद रहे।
​इस योजना के क्रियान्वयन से उम्मीद है कि आगामी कुम्भ मेला श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुरक्षित, सुगम और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।

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