मुख्यमंत्री के “अपराध मुक्त उत्तराखंड” अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और ऊधमसिंह नगर पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में अवैध हथियारों के सिंडिकेट का किया भंडाफोड़, छापेमारी में पुलिस ने एक स्विफ्ट कार से भारी मात्रा में अवैध अत्याधुनिक हथियार, 237 जिंदा कारतूस और 7 फर्जी शस्त्र लाइसेंस किए बरामद,

तनवीर अली हरिद्वार

काशीपुर में एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: कार से हथियारों का जखीरा व 7 फर्जी लाइसेंस बरामद,
​गैंग के रडार पर बाहरी राज्यों के फर्जी शस्त्र लाइसेंस, तीन नामजद; अब तक 5 आरोपी जा चुके हैं जेल,
​देहरादून/काशीपुर,
माननीय मुख्यमंत्री के “अपराध मुक्त उत्तराखंड” अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और ऊधमसिंह नगर पुलिस ने एक संयुक्त और बड़े ऑपरेशन में अवैध हथियारों के सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। कल देर रात काशीपुर के कटोराताल क्षेत्र में की गई इस छापेमारी में पुलिस ने एक स्विफ्ट कार से भारी मात्रा में अवैध अत्याधुनिक हथियार, 237 जिंदा कारतूस और 7 फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए हैं।
​पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री दीपम सेठ के निर्देशन में चल रहे इस अभियान के तहत एसटीएफ की टीमों ने मामले में लिप्त तीन रसूखदार आरोपियों को नामजद किया है।
​स्विफ्ट कार से मिला हथियारों का जखीरा
​वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) एसटीएफ ने बताया कि कल रात मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि कटोराताल क्षेत्र में एक स्विफ्ट कार (संख्या- UK18P 5046) में अवैध हथियारों की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। एसटीएफ ने स्थानीय पुलिस को साथ लेकर घेराबंदी की और कार को कब्जे में ले लिया। कार की तलाशी लेने पर अंदर से निम्नलिखित घातक हथियार और कारतूस बरामद हुए:
​01 पम्प एक्शन बन्दूक (12 बोर)
​01 सेमी ऑटोमैटिक राइफल (.22 बोर, मय 2 मैगजीन)
​01 सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल (.32 बोर, मय 2 मैगजीन)
​01 रिवाल्वर (.32 बोर)
​237 विभिन्न बोर के जिंदा कारतूस
​07 फर्जी/कूटरचित शस्त्र लाइसेंस
​इनके खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
बरामद किए गए हथियार और गाड़ी काशीपुर निवासी सौरभ अग्रवाल, गौरव अग्रवाल (पुत्रगण राकेश अग्रवाल) और दीप्ति अग्रवाल (पत्नी सौरभ अग्रवाल) के हैं। पूर्व में एसटीएफ द्वारा काशीपुर कोतवाली में दर्ज कराई गई FIR संख्या 213/2026 (बीएनएस 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत) की विवेचना के क्रम में इन आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
​फर्जी लाइसेंस धारकों पर ‘जीरो टॉलरेंस’
​एसएसपी एसटीएफ ने चेतावनी दी है कि बाहरी राज्यों से फर्जी लाइसेंस बनाकर उत्तराखंड में उन्हें वैध कराने वाले लोग एसटीएफ के रडार पर हैं। राज्य में अब तक ऐसे मामलों में 3 मुकदमे दर्ज कर 5 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।
​उन्होंने स्पष्ट किया कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा हैं, इसलिए पुलिस ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। एसटीएफ ने फर्जी शस्त्र धारकों को मौका देते हुए कहा है कि वे अभी भी पुलिस के सामने अपने हथियार सरेंडर कर सकते हैं।
​हजारों शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन जारी
​वर्तमान में उत्तराखंड में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए हजारों शस्त्र लाइसेंसों और उनके धारकों का गहन सत्यापन किया जा रहा है। आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
​जनता से अपील: गोपनीय रहेगी सूचना
एसटीएफ ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उनके पास फर्जी या संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस से जुड़ी कोई भी जानकारी हो, तो वे तुरंत एसटीएफ के मोबाइल नंबर 9412029536 पर सूचित करें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।
​सफलता पाने वाली एसटीएफ टीम:
इस सफल ऑपेरशन को अंजाम देने वाली टीम में मुख्य रूप से निरीक्षक अरुण कुमार, निरीक्षक एम.पी. सिंह, कांस्टेबल गुरवंत सिंह, मोहित वर्मा और सोनू पाण्डे शामिल रहे।

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