हरिद्वार रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर हुआ हादसा; गंगानगर एक्सप्रेस में चढ़ते समय महिला का फिसला पैर,  देवदूत बने GRP कांस्टेबल मंसूर अली ने जान पर खेलकर बचाई महिला की जान, चलती ट्रेन के नीचे आने से महिला को सुरक्षित निकाला, परिजनों ने जताया आभार, ​

तनवीर अली हरिद्वार।

हरिद्वार रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर हुआ हादसा; गंगानगर एक्सप्रेस में चढ़ते समय महिला का फिसला पैर,  देवदूत बने GRP कांस्टेबल मंसूर अली ने जान पर खेलकर बचाई महिला की जान, चलती ट्रेन के नीचे आने से महिला को सुरक्षित निकाला, परिजनों ने जताया आभार,


​हरिद्वार:- तीर्थ नगरी हरिद्वार के रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद एक जांबाज पुलिसकर्मी की सूझबूझ और बहादुरी के कारण एक महिला यात्री मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकल आई। जीआरपी के इस साहसिक कार्य की स्टेशन पर मौजूद हर व्यक्ति और महिला के परिजनों द्वारा भूरि-भूरि (दिल से) प्रशंसा की जा रही है।

​क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 3 जून 2026 को हरिद्वार रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर गंगानगर एक्सप्रेस आकर रुकी थी। ट्रेन जैसे ही गंतव्य के लिए रवाना होने लगी, तभी एक महिला यात्री ने चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया। इसी दौरान अचानक महिला का संतुलन बिगड़ गया और उसका पैर फिसल गया। पैर फिसलते ही महिला सीधे ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच के गैप (खाली जगह) की तरफ जाने लगी।
​जान जोखिम में डालकर बचाई जान
​प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग चिल्लाने लगे। इसी बीच वहां तैनात जीआरपी थाना हरिद्वार के कांस्टेबल संख्या 27, मंसूर अली ने पलक झपकते ही स्थिति को भांप लिया। अपनी जान की परवाह न करते हुए तेजी से आगे बढ़े और महिला को पूरी ताकत से खींचकर ट्रेन के नीचे आने से ठीक पहले बाहर निकाल लिया।
​”अगर कांस्टेबल मंसूर अली एक सेकंड की भी देरी करते, तो महिला ट्रेन के पहियों के नीचे आ सकती थी। उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर जो किया, वह मिसाल है।”

​परिजनों ने जताया आभार:-

​इस खौफनाक हादसे में सुरक्षित बची महिला और उनके साथ मौजूद परिजन बेहद भावुक हो गए। उन्होंने कांस्टेबल मंसूर अली का हाथ जोड़कर धन्यवाद किया और कहा कि वे उनके लिए किसी देवदूत (भगवान) से कम नहीं हैं। महिला के परिवार ने कांस्टेबल मंसूर अली और हरिद्वार जीआरपी पुलिस की इस तत्परता की जमकर सराहना की।
​जीआरपी के उच्च अधिकारियों ने भी कांस्टेबल मंसूर अली की इस बहादुरी की पीठ थपथपाई है और उन्हें पुरस्कृत करने की बात कही है।

​अपील: जीआरपी हरिद्वार ने इस घटना के बाद एक बार फिर आम जनता से अपील की है कि किसी भी परिस्थिति में चलती हुई ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें। आपकी एक लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

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