तनवीर अली हरिद्वार:-ग्लोबल वार्मिंग और वायु प्रदुषण से जूझ रहे समस्त विश्व के लिए इन समस्याओं का एकमात्र उपाय धरातल पर वन क्षेत्र को बढाना एवं वृक्षों का रखरखाव ही है। एक प्राणी होने के नाते हमारे पास जीवित रहने के लिए प्रकृति द्वारा निःशुल्क प्रदत्त ऑक्सिजन का कोई विकल्प नही है। इस समस्या को टालते आ रहे समाज को प्राणवायु का महत्व कोरोना कल में पता चला जब ऑक्सिजन सिलेण्डर की किल्लत को देखते हुए आमजन को जूझना पड़ा।
आज विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर वन प्रभाग के द्वारा गंगा वाटिका हरिद्वार में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बरगद, पिलखन, तुन, कचनार, आंवला, पीपल, रीठा, अमरूद आदि प्रजातियों के लगभग 80 पौधों का रोपण किया गया, साथ ही पूर्व में स्मृति वन व कारगिल शहीद वन लगाए गए पौधों की देख-रेख, सिंचाई निराई-गुढाई आदि कार्य भी किए गए।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वामी दयाधिपानंद, मेडिकल सुपरिटेंडेंट, रामकृष्ण मिशन, सोसाइटी, हरिद्वार ने अधिक से अधिक संख्या में पौधारोपण करनें तथा इनसे होने वाले लाभ के विषय में विस्तार से बताया। उनके द्वारा कहा गया कि प्रकृति, पेड़-पौधों की सेवा करने से मानव में हार मॉडल हर मॉडल हार्मोनल बैलेंस बढ़ता है, जो कि उसके बीमारियों से बचाव तथा अच्छे स्वास्थ्य में सहायक सिद्ध होता है। इस तथ्य की पुष्टि उनके द्वारा रामकृष्ण मिशन चिकित्सालय में विभिन्न रोगियों के उपचार के दौरान प्रत्यक्ष रूप से देखी गई है।
प्रभागीय वनाधिकारी, हरिद्वार वन प्रभाग, नीरज शर्मा ने पर्यावरण, पेड़-पौधों, वन्यजीवों के संरक्षण पर जोर देते हुए हरिद्वार वन प्रभाग द्वारा इस संबंध में कराए जा रहे कार्यों के विषय में विस्तार से बताया। उनके द्वारा कहा गया कि पूर्व में भी हरिद्वार वन प्रभाग के द्वारा विभिन्न दिवसों पर पर्यावरण जन-जागरूकता से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं, तथा भविष्य में भी और अधिक संख्या में लोगों को वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण संबंधी कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि बहुत शीघ्र ही हरिद्वार के गंगा वाटिका क्षेत्र में एक नगर वन स्थापित किया जाएगा, जहां हरिद्वार के स्थानीय निवासी, श्रद्धालु, ईको पर्यटन के साथ ही प्रकृति, पेड़-पौधे वन्यजीवों के संबंध में रोचक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध वैद्य एमआर शर्मा, स्वयंसेवी संस्था बीईंग भागीरथ के शिखर पालीवाल व उनके टीम के सदस्य, स्वयंसेवी संस्था, हैंड्स फाउंडेशन के सदस्य, वन क्षेत्राधिकारी हरिद्वार, दिनेश नौडियाल व वन विभाग के कर्मचारी, स्थानीय नागरिक आदि उपस्थित रहे।
ग्लोबल वार्मिंग और वायु प्रदुषण से जूझ रहे समस्त विश्व के लिए इन समस्याओं का एकमात्र उपाय धरातल पर वन क्षेत्र को बढाना एवं वृक्षों का रखरखाव ही है।



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