वन महकमे में इन दिनों हरीद्वार वन प्रभाग चर्चा का विषय बना हुआ है। महज आठ दिनों पूर्व यंहा तैनात किए गए प्रभागीय वनाधिकारी धर्म सिंह मीणा ने आते ही प्रभाग की सभी रेंजों में हो रहे अवैध खनन को लेकर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। खनन माफियो पर कार्यवाही के साथ ही डीएफओ ने विभाग में तैनात लापरवाह कर्मियों के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। वही प्रभागीय वनाधिकारी के कड़क रुख के चलते इसका विरोध भी शुरू हो गया है।
डीएफओ कार्यालय के कर्मचारी डीएफओ के खिलाफ कार्यबहिष्कार कर धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने डीएफओ पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर डीएफओ का स्थानांतरण नहीं किया जाता है तो डीएफओ कार्यालय पर तालाबंदी कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
डीएफओ कार्यालय के 25 से 30 कर्मचारी धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने डीएफओ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके स्थानांतरण की मांग की। डीएफओ कार्यालय के प्रधान सहायक शेखर जोशी का आरोप है कि डीएफओ ने शनिवार को कई कर्मचारियों के साथ अभद्रता की है। डीएफओ के विरोध में कर्मचारी दो दिन तक कार्यबहिष्कार कर धरने पर बैठे रहेंगे। यदि इसके बाद भी डीएफओ का स्थानांतरण नहीं किया गया तो तालाबंदी कर उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। जिसमें प्रदेश की अन्य डिवीजन के कर्मचारी भी भाग लेंगे।
वन महकमे में इन दिनों हरीद्वार वन प्रभाग चर्चा का विषय बना हुआ है। महज आठ दिनों पूर्व यंहा तैनात किए गए प्रभागीय वनाधिकारी धर्म सिंह मीणा ने आते ही प्रभाग की सभी रेंजों में हो रहे अवैध खनन को लेकर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। खनन माफियो पर कार्यवाही के साथ ही डीएफओ ने विभाग में तैनात लापरवाह कर्मियों के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। वन्ही प्रभागीय वनाधिकारी के कड़क रुख के चलते इसका विरोध भी शुरू हो गया है।
आज उत्तरांचल फॉरेस्ट मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के बैनर तले सभी कर्मचारियों ने डीएफओ के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि महज दो दिन ही डीएफओ कुर्सी पर बैठे है। कुर्सी संभालते ही उन्होंने कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उत्पीड़न शुरू कर दिया।कर्मचारियों ने 02 दिन के अंदर डीएफओ का ट्रांसफर ना किए जाने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है। धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि नए डीएफओ सभी कर्मचारियों के साथ अभद्रता कर रहे हैं। सब पर रिश्वतखोर और खनन माफिया से मिलीभगत के आरोप भी लगा रहे हैं।
आखिर दो दिनों के भीतर डीएफओ का इतना विरोध, प्रदेश में बना चर्चा का विषय।
वहीं वन कर्मियों का यह आंदोलन आज दिन भर प्रदेश में चर्चा का विषय बना रहा। आखिर ऐसे कोन से कारण है कि महज दो दिन में ही इतना विरोध हो जाये। वन्ही नए डीएफओ ने आते ही जिस तरह खनन माफियो पर शिकंजा कसा इसे लेकर पूरे वन प्रभाग में हलचल मची हुई है। प्रभागीय वनाधिकारी के सख्त रैवये के बाद लापरवाही से कार्य करने वाले कुछ कर्मियों के होश फाख्ता हो रखे है। इतने कम समय मे ही आंदोलन शुरू हो जाना किसी के भी गले नही उत्तर रहा है।
क्या कहते है प्रभागीय वनाधिकारी–
“जो भी कर्मचारी लापरवाही से कार्य करेगा उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी , अपने कार्यो को लेकर सभी को जागरूक होना पड़ेगा , तभी वन्य जीव संरक्षण व संवर्धन में सफलता मिल सकती है”
धर्म सिंह मीणा, प्रभागीय वनाधिकारी हरीद्वार ।


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