डीपीएस रानीपुर में एम्स ऋषिकेश द्वारा जीवन रक्षक प्रशिक्षण का आयोजन: प्रिंसिपल डॉ. अनुपम जग्गा के मार्गदर्शन में कक्षा 8 के विद्यार्थियों ने सीखे ‘हैंड्स-ओनली सीपीआर’ के गुर, व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से सीखे जीवन बचाने के कौशल, एम्स ऋषिकेश की विशेषज्ञ टीम की रही सक्रिय भागीदारी…

तनवीर अली हरिद्वार।

डीपीएस रानीपुर में एम्स ऋषिकेश द्वारा जीवन रक्षक प्रशिक्षण का आयोजन: प्रिंसिपल डॉ. अनुपम जग्गा के मार्गदर्शन में कक्षा 8 के विद्यार्थियों ने सीखे ‘हैंड्स-ओनली सीपीआर’ के गुर, व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से सीखे जीवन बचाने के कौशल, एम्स ऋषिकेश की विशेषज्ञ टीम की रही सक्रिय भागीदारी…

​ऋषिकेश/दिल्ली पब्लिक स्कूल:

दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) में 2 एवं 3 नवंबर 2026 को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश के सहयोग से कक्षा 8 के विद्यार्थियों के लिए एक विशेष बुनियादी जीवन रक्षक प्रशिक्षण (Basic Life Support – BLS) कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह प्रेरणादायक कार्यक्रम एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक डॉ. मीनू सिंह के मार्गनिर्देशन में संपन्न हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कम उम्र में ही आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए सक्षम बनाना था।

व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से सीखे जीवन बचाने के कौशल

​कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) की उपयोगिता, आपातकालीन स्थिति में सही समय पर त्वरित प्रतिक्रिया देने और किसी व्यक्ति की अनमोल जान बचाने में प्राथमिक जीवन रक्षक तकनीकों की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विस्तार से समझाया। केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित न रहकर, विद्यार्थियों को डमी के माध्यम से ‘हैंड्स-ओनली सीपीआर’ का व्यावहारिक (Hands-On) प्रशिक्षण भी दिया गया। इससे बच्चों में हृदय संबंधी आपातकालीन परिस्थितियों में बिना घबराए आत्मविश्वास के साथ सहायता प्रदान करने का कौशल विकसित हुआ।

एम्स ऋषिकेश की विशेषज्ञ टीम की रही सक्रिय भागीदारी

​इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र में एम्स ऋषिकेश की ओर से मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. पूनम अरोड़ा और प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. प्रदीप अग्रवाल उपस्थित रहे। वहीं, सत्र का कुशल संचालन प्रशिक्षक अनिल कुमार, अंकित कुमार और अंश कंबोज द्वारा किया गया। इस अवसर पर एम्स के मीडिया विभाग से शुभांगी भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

​प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम जग्गा ने की पहल की सराहना

​विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम जग्गा ने एम्स ऋषिकेश की इस अनूठी पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए पूरी टीम के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा:

​“इस प्रकार के जागरूकता और व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम हमारे विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की आपातकालीन परिस्थितियों का सामना करने और जरूरतमंदों की जान बचाने में सक्षम बनाते हैं। ऐसे प्रयास बच्चों में आत्मविश्वास, सामाजिक जिम्मेदारी और एक जागरूक व जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना को मजबूत करते हैं।”

​प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम जग्गा ने सफल और ज्ञानवर्धक आयोजन के लिए एम्स ऋषिकेश की पूरी टीम को बधाई देते हुए भविष्य में भी ऐसे सहयोगात्मक कार्यक्रमों के आयोजन की उम्मीद जताई।

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