2 अक्टूबर को जनपद न्यायालय, जिला कारागार और राजकीय संप्रेक्षण गृह में मनाई गई गांधी व शास्त्री जयंती पर हुए कार्यक्रम,जिला जज नरेन्द्र दत्त ने न्यायिक अधिकारियों संग संप्रेक्षण गृह का किया सघन निरीक्षण…

तनवीर अली हरिद्वार।

2 अक्टूबर को जनपद न्यायालय, जिला कारागार और राजकीय संप्रेक्षण गृह में मनाई गई गांधी व शास्त्री जयंती पर हुए कार्यक्रम,जिला जज नरेन्द्र दत्त ने न्यायिक अधिकारियों संग संप्रेक्षण गृह का किया सघन निरीक्षण,

​हरिद्वार। 2 अक्टूबर को जनपद न्यायालय हरिद्वार, जिला कारागार एवं राजकीय संप्रेक्षण गृह (रोशनाबाद) में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती सादगी और श्रद्धापूर्वक मनाई गई।

​माननीय जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार) श्री नरेन्द्र दत्त जी के कुशल मार्गदर्शन व आदेशानुसार आयोजित कार्यक्रमों में बापू एवं शास्त्री जी के विचारों को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

​न्यायालय परिसर में माल्यार्पण:

सर्वप्रथम जनपद न्यायालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में माननीय जनपद न्यायाधीश श्री नरेन्द्र दत्त जी, उपस्थित समस्त न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्रों पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

​जिला कारागार में विधिक अधिकारों की जानकारी:

इसी क्रम में जिला कारागार रोशनाबाद के परिसर में बंदियों को महात्मा गांधी जी के सत्य, अहिंसा, शांति एवं सुधारवादी विचारों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम के दौरान बंदियों को उनके विधिक अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता योजना और समय पूर्व रिहाई से जुड़े कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।

​संप्रेक्षण गृह का संयुक्त निरीक्षण व बच्चों को मार्गदर्शन:

राजकीय संप्रेक्षण गृह, रोशनाबाद में गांधी जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) श्री नरेन्द्र दत्त जी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती ज्योति बाला, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती सिमरनजीत कौर तथा किशोर न्याय बोर्ड हरिद्वार की प्रधान न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती कंचन चौधरी ने संप्रेक्षण गृह का संयुक्त रूप से सघन निरीक्षण किया।

​निरीक्षण के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने संवासियों (बच्चों) के रहन-सहन, भोजन की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सुविधाओं, विधिक सहायता तथा परिसर की साफ-सफाई का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने बच्चों को बापू के जीवन मूल्यों, अनुशासन और नैतिक शिक्षा के प्रति प्रेरित भी किया।

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