8 माह के भीतर नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को मिला न्याय: आरोपी को 20 वर्ष का कठोर कारावास, नगर कोतवाली पुलिस की प्रभावी विवेचना एवं साक्ष्य संकलन से मिली सफलता, माननीय विशेष न्यायालय पॉक्सो ने आरोपी पर ₹50,000 का अर्थदंड भी लगाया, SSP हरिद्वार की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई…

तनवीर अली हरिद्वार।

8 माह के भीतर नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को मिला न्याय: आरोपी को 20 वर्ष का कठोर कारावास

  • कोतवाली नगर पुलिस की प्रभावी विवेचना एवं साक्ष्य संकलन से मिली सफलता
  • माननीय विशेष न्यायालय पॉक्सो ने आरोपी पर ₹50,000 का अर्थदंड भी लगाया
  • SSP हरिद्वार की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई

विशेष संवाददाता, हरिद्वार:

महिला एवं बाल अपराधों के प्रति हरिद्वार पुलिस की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति का बड़ा असर देखने को मिला है। कोतवाली नगर पुलिस की मजबूत पैरोकारी और वैज्ञानिक विवेचना के बल पर न्यायालय ने 8 माह के भीतर नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाया है। माननीय विशेष न्यायालय पॉक्सो ने अभियुक्त को 20 वर्ष के कठोर कारावास और ₹50,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

त्वरित कार्रवाई और वैज्ञानिक विवेचना

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोतवाली नगर हरिद्वार में 16 जनवरी 2026 को एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला (मु.अ.सं. 29/2026) दर्ज किया गया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह के निर्देशों पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता का तत्काल सरकारी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया।

​घटना के दिन ही कोतवाली नगर पुलिस टीम ने नामजद आरोपी सूरज प्रकाश पोखरियाल (पुत्र वीरेंद्र पोखरियाल, निवासी घटियाली, पौड़ी गढ़वाल, हाल पता- भारत माता पुरम कॉलोनी, भूपतवाला) को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया था।

समयबद्ध चार्जशीट और कोर्ट का फैसला

​मामले की विवेचना कर रहीं महिला उप-निरीक्षक (म.उ.नि.) निशा सिंह ने घटना से जुड़े तमाम डिजिटल, चिकित्सीय और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को बारीकी से एकत्र किया। पुलिस द्वारा 2 मार्च 2026 को माननीय न्यायालय के समक्ष पुख्ता आरोप-पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया गया।

​मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय पॉक्सो में हुई। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत ठोस साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर माननीय अदालत ने 9 सितंबर 2026 को आरोपी सूरज प्रकाश पोखरियाल को धारा 65(2)(ड) BNS एवं 5(ड)/6 पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास तथा ₹50,000 जुर्माने की सजा सुनाई।

अखबार में छापने हेतु मुख्य बिंदु (Highlight Box / Sidebar):

केस एक नजर में:

  • घटना की तिथि व एफआईआर: 16 जनवरी 2026 (मु.अ.सं.- 29/2026)
  • आरोपी की गिरफ्तारी: 16 जनवरी 2026
  • चार्जशीट दाखिल: 02 मार्च 2026
  • अदालत का फैसला: 09 सितंबर 2026 (20 वर्ष की सजा + ₹50,000 अर्थदंड)
  • विवेचक: महिला उप-निरीक्षक निशा सिंह, कोतवाली नगर

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