डीपीएस रानीपुर में ‘स्वर्ण अक्षर-2026’ के दूसरे दिन साहित्य व संस्कृति की धूम, प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम जग्गा ने स्वर्णिम यात्रा पर जताया आभार…

तनवीर अली हरिद्वार।

डीपीएस रानीपुर में ‘स्वर्ण अक्षर-2026’ के दूसरे दिन साहित्य व संस्कृति की धूम, प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम जग्गा ने स्वर्णिम यात्रा पर जताया आभार,

हरिद्वार (विशेष प्रतिनिधि)। दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) रानीपुर में आयोजित तीन दिवसीय स्वर्ण जयंती साहित्य महोत्सव ‘स्वर्ण अक्षर-2026’ के दूसरे दिन साहित्य, कला, संस्कृति और सृजनात्मकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। जूनियर और मिडिल विंग के विद्यार्थियों ने अपनी उत्कृष्ट सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

साहित्यिक भ्रमण में जीवंत हुए कालजयी लेखक

महोत्सव का मुख्य आकर्षण मिडिल विंग के 39 सेक्शनों द्वारा आयोजित साहित्यिक भ्रमण रहा। इसमें विद्यार्थियों ने मुंशी प्रेमचंद, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, विलियम शेक्सपियर, सुधा मूर्ति, रस्किन बॉन्ड, जयशंकर प्रसाद और भारतेंदु हरिश्चंद्र जैसे महान साहित्यकारों की कृतियों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। इसके साथ ही परिसर में आयोजित पुस्तक प्रदर्शनी और कहानी-अभिनय ने छात्रों की प्रतिभा को सराहा।

‘द गोल्डन क्विल’ का लोकार्पण

सांध्य समारोह में पूर्व प्रधानाचार्यों, पूर्व शिक्षकों और विभिन्न विद्यालयों के प्रमुखों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर विद्यालय की 50 वर्षों की यात्रा को दर्शाती एक स्वर्ण जयंती वीडियो तथा विद्यार्थियों, अभिभावकों व लेखकों की रचनाओं से सजी डिजिटल पुस्तक ‘द गोल्डन क्विल’ का लोकार्पण किया गया।

सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुतियां और शास्त्रीय जुगलबंदी

सांस्कृतिक संध्या के दौरान:

  • नाटक एवं नृत्य: ‘मणिकर्णिका से रानी लक्ष्मीबाई’ की जीवंत प्रस्तुति, संस्कृत नाटक ‘अष्टावक्र’ तथा छोटे बच्चों का देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम ‘वीर गाथा’ विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
  • शास्त्रीय संगीत: प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीत वादक मेहताब अली नियाजी, एस आकाश एवं खुर्रम अली नियाजी की बाँसुरी, सितार और तबले की त्रिवेणी-जुगलबंदी ने समां बांध दिया।
  • प्रेरणादायी टॉकशाला: मशहूर प्रेरक वक्ता पदमजीत सहरावत ने अपनी ‘टॉकशाला’ के माध्यम से विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ने का संदेश दिया।

प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम जग्गा ने जताया आभार

विद्यालय की पांच दशक लंबी स्वर्णिम यात्रा पर प्रकाश डालते हुए प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम जग्गा ने कहा, “समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी की रचनात्मक ऊर्जा से जोड़ना ही इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य है। कार्यक्रम की सफलता और भव्यता के लिए मैं सभी अतिथियों, अभिभावकों, पूर्व शिक्षकों और प्रेस मीडिया का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।”

​समारोह में बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे, जबकि हजारों लोगों ने लाइव प्रसारण के जरिए कार्यक्रम का आनंद लिया। तीन दिवसीय ‘स्वर्ण अक्षर’ महोत्सव का समापन आज होगा, जबकि स्वर्ण जयंती वर्ष के अंतर्गत सांस्कृतिक व साहित्यिक प्रवाह वर्ष भर जारी रहेगा।

You may have missed