जिलाधिकारी मयूर दीक्षित का सख्त रुख: खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, 150 किग्रा एक्सपायरी रसगुल्ले नष्ट, 5 प्रतिष्ठानों को नोटिस,हरिद्वार नगर क्षेत्र में डेयरियों व मिष्ठान भंडारों पर औचक छापेमारी, पनीर, खोया व दूध के नमूने जांच के लिए लैब भेजे…

तनवीर अली हरिद्वार।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित का सख्त रुख: खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, 150 किग्रा एक्सपायरी रसगुल्ले नष्ट, 5 प्रतिष्ठानों को नोटिस

हरिद्वार नगर क्षेत्र में डेयरियों व मिष्ठान भंडारों पर औचक छापेमारी, पनीर, खोया व दूध के नमूने जांच के लिए लैब भेजे

हरिद्वार (विशेष संवाददाता): जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के सख्त निर्देशों के अनुपालन में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जनपद में मिलावटखोरों और अमानक खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया गया। अभियान के तहत हरिद्वार नगर निगम क्षेत्र के खड़खड़ी, जगजीतपुर और ज्वालापुर में विभिन्न डेयरी और मिष्ठान प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण कर नमूने एकत्रित किए गए।

​मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनय कुमार पाण्डेय ने बताया कि ज्वालापुर अवधूत मंडल आश्रम के समीप एक प्रतिष्ठान की जांच के दौरान लगभग 150 किलोग्राम रसगुल्ले पाए गए, जिनकी एक्सपायरी डेट समाप्त हो चुकी थी। टीम ने तुरंत नमूना लेने के बाद अनुपयुक्त पाए गए पूरे 150 किग्रा रसगुल्लों को मौके पर ही नष्ट करवा दिया। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित प्रतिष्ठान को धारा-32 के अंतर्गत सुधार नोटिस जारी कर 14 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

ग्राहक की शिकायत पर कार्रवाई

खड़खड़ी क्षेत्र में एक ग्राहक की शिकायत का संज्ञान लेते हुए एक डेयरी से खोये का नमूना लिया गया। इसके अतिरिक्त जगजीतपुर फुटबॉल ग्राउंड के पास स्थित तीन डेयरियों से पनीर के दो और खुले दूध का एक नमूना संग्रह किया गया।

10 प्रतिष्ठानों की जांच, 5 नमूने लैब भेजे

अभियान के दौरान वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चन्द्र टम्टा ने ज्वालापुर क्षेत्र के 10 खाद्य कारोबारियों के परिसरों का निरीक्षण किया। इस दौरान पनीर, खोया, दूध और रसगुल्ले समेत कुल 5 खाद्य पदार्थों के नमूने सील कर राजकीय प्रयोगशाला भेजे गए।

​विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी कारोबारी को बख्शा नहीं जाएगा और मिलावटी व असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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