​भारतीय मानक ब्यूरो ने ‘मानक मंथन’ कार्यक्रम का सिडकुल में किया आयोजन: उद्योग जगत को दी लाइसेंसिंग प्रक्रिया की जानकारी, गुणवक्ता मानकों प्रति किया गया जागरूक, कार्यक्रम में (SMAU) का रहा प्रमुख सहयोग,

तनवीर अली हरिद्वार।

​भारतीय मानक ब्यूरो ने ‘मानक मंथन’ कार्यक्रम का सिडकुल में किया आयोजन: उद्योग जगत को दी लाइसेंसिंग प्रक्रिया की जानकारी, गुणवक्ता मानकों प्रति किया गया जागरूक, कार्यक्रम में (SMAU) का रहा प्रमुख सहयोग,

​देहरादून, 17 जुलाई 2026
​हरिद्वार के सिडकुल में आज भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा ‘मानक मंथन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य स्थानीय उद्योगों को लाइसेंसिंग प्रक्रिया और गुणवत्ता मानकों के प्रति जागरूक करना था। इस कार्यक्रम में ‘SMAU इंटरनेशनल इंडस्ट्री एंड ट्रेड चैम्बर्स’ का भी सहयोग रहा।
​कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण इलेक्ट्रिक टाइप पंखों के निर्माण के लिए अनिवार्य मानकों पर विस्तार से चर्चा करना था। BIS ने स्पष्ट किया कि इन उत्पादों के लिए IS 302 (Part 2/Sec 80), IS 555, IS 374 और अन्य संबंधित मानक अनिवार्य हैं।
​BIS ने कार्यक्रम का उद्देश्य स्पष्ट किया:
​लाइसेंसिंग प्रक्रिया: कार्यक्रम में उपस्थित उद्योग प्रतिनिधियों और लाइसेंसधारकों को बताया गया कि वे किस प्रकार लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं।
​मानकों में बदलाव: हाल ही में लाइसेंसिंग प्रक्रिया में किए गए सरलीकरण और शुल्क ढांचे (fee structure) में हुए बदलावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
​अनिवार्यता पर जोर: जिन निर्माताओं ने अभी तक लाइसेंस नहीं लिया है, उन्हें भारत सरकार द्वारा अनिवार्य किए गए मानकों का पालन करने और अविलंब लाइसेंस लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
​BIS, देहरादून शाखा के अधिकारी हेमंत बी. आड़े ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योग प्रतिनिधियों के प्रश्नों का समाधान करना है। उन्होंने कहा, “यह कार्यक्रम लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाने और उद्योगों को गुणवत्ता के अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ जुड़ने में मदद करने के लिए रखा गया है।”
​अंत में, BIS ने सभी उद्यमियों को सुझाव दिया कि वे सीधे विभाग से संपर्क करें ताकि उन्हें मानकों और लाइसेंसिंग से संबंधित किसी भी समस्या का त्वरित समाधान प्राप्त हो सके।

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