सिडकुल पुलिस का ‘ऑपरेशन प्रहार में दोहरा वार’: हुड़दंग मचाने वाले 13 किए गिरफ्तार, दुष्कर्म का आरोपी भी भेजा सलाखों के पीछे,

तनवीर अली हरिद्वार।

सिडकुल पुलिस का ‘ऑपरेशन प्रहार में दोहरा वार’: हुड़दंग मचाने वाले 13 किए गिरफ्तार, दुष्कर्म का आरोपी भी भेजा सलाखों के पीछे,

​हरिद्वार। जनपद में अपराधों पर अंकुश लगाने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरिद्वार पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ अभियान के तहत कोतवाली सिडकुल पुलिस ने दो बड़ी कार्रवाई की हैं। पुलिस ने जहां लोकपाल कार्यालय के पास सार्वजनिक शांति भंग करने वाले 13 हुड़दंगियों को दबोचा है, वहीं एक दिव्यांग नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे आरोपी को भी गिरफ्तार करने में सफलता पाई है।

​सार्वजनिक स्थान पर हंगामा करने वाले 13 आरोपी गिरफ्तार।

​पुलिस के अनुसार, 6 जुलाई को सिडकुल थाना क्षेत्र स्थित लोकपाल कार्यालय के पास दो पक्षों के बीच जमकर शोर-शराबा और गाली-गलौज हो रही थी। झगड़ा इतना बढ़ गया कि वे मारपीट पर उतारू हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी हरकतों से बाज नहीं आए। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने सभी 13 आरोपितों को हिरासत में ले लिया। आरोपितों के विरुद्ध धारा 170 बीएनएसएस (BNSS) के तहत कठोर कार्रवाई की गई है।

​आरोपितों में ये शामिल हैं: परवेज, राशिद, अकील अहमद, फिरोज, मौ0 अखलद, तौकीर, सोहेल, मुजफ्फर, दाऊद, इन्तजार, समी (सभी पीरपुरा, मंगलौर निवासी), उस्मान (पीरपुरा) और हाक्कम (घोसीपुर, मंगलौर)।

​दिव्यांग नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार।

​एक अन्य मामले में, सिडकुल पुलिस ने करीब एक महीने से फरार चल रहे दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार किया है। 12 जून 2026 को एक महिला ने तहरीर दी थी कि आरोपी योगेश सैनी ने उसकी दिव्यांग नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की थी।
​थानाध्यक्ष अजय शाह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर 6 जुलाई को आरोपी योगेश सैनी (35 वर्ष) पुत्र तिलक राम, निवासी ग्राम काकड़ा (मुजफ्फरनगर), हाल निवासी ब्रह्मपुरी रावली महदूद को सुमन नगर स्थित उसके किराए के मकान से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर धारा 64, 65, 351 बीएनएस और पोक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है।

​कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में,
दोनों मामलों में उपनिरीक्षक देवेन्द्र सिंह चौहान, मनीषा नेगी, अ0उ0नि0 हरीश चन्द्र शाह, हेड कांस्टेबल गजेन्द्र राजपूत और कांस्टेबल कुलदीप, मनीष, ऋतेन्द्र व प्रदीप ने सराहनीय भूमिका निभाई।

​इस प्रकार की पुलिसिया कार्रवाई से क्षेत्र में अपराधियों में भय और आम जनता में सुरक्षा का भाव पैदा हुआ है। पुलिस का कहना है कि ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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