​भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की और एसएमएयू (SMAU) चैंबर्स की एक संयुक्त पहल के माध्यम से आईआईटी रुड़की में एक महत्वपूर्ण ‘उद्योग–अकादमिक संवाद कार्यक्रम’ का किया गया आयोजन, कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उद्योगों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) और शिक्षा जगत के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के लिए एक मजबूत मंच तैयार करना था, ताकि सार्थक सहयोग और दीर्घकालिक साझेदारी को दिया जा सके बढ़ावा…

तनवीर अली हरिद्वार।

आईआईटी रुड़की में उद्योग–अकादमिक संवाद कार्यक्रम का हुआ आयोजन
​भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की और एसएमएयू (SMAU) चैंबर्स की एक संयुक्त पहल के माध्यम से आईआईटी रुड़की में एक महत्वपूर्ण ‘उद्योग–अकादमिक संवाद कार्यक्रम’ का किया गया आयोजन, कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उद्योगों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) और शिक्षा जगत के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के लिए एक मजबूत मंच तैयार करना था, ताकि सार्थक सहयोग और दीर्घकालिक साझेदारी को दिया जा सके बढ़ावा…

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​इस पहल का मुख्य केंद्र उद्योगों और MSMEs के लाभ के लिए आईआईटी रुड़की में उपलब्ध तकनीकी विशेषज्ञता और उन्नत अनुसंधान एवं विकास (R&D) सुविधाओं का उपयोग करना था। इस संवाद के दौरान कई प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया, जिनमें समस्याओं के समाधान की क्षमता, उन्नत परीक्षण बुनियादी ढांचा, उद्योगों से जुड़ी छात्र सहभागिता, अंतराल विश्लेषण (Gap Analysis), तकनीकी जानकारी का समर्थन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और उद्योगों के लिए क्षमता निर्माण शामिल हैं।
​यह कार्यक्रम क्लस्टर-उन्मुख औद्योगिक सहायता के लिए एक मील का पत्थर और एकीकृत मंच के रूप में उभरा है, जो प्रभावी उद्योग-अकादमिक साझेदारी का एक अनूठा उदाहरण पेश करता है। उम्मीद है कि इससे नवाचार-संचालित विकास, तकनीकी उन्नति और उद्योगों (विशेषकर MSMEs) द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान के नए रास्ते खुलेंगे।
​मंच पर उपस्थित गणमान्य व्यक्ति:
इस अवसर पर श्री दीपक आर. सेठ (IAS, संयुक्त मजिस्ट्रेट), प्रो. के. के. पंत (निदेशक, आईआईटी रुड़की), प्रो. नवीन नवानी (डीन एकेडमिक, आईआईटी रुड़की) और डॉ. हरेंद्र के. गर्ग (राष्ट्रीय अध्यक्ष, SMAU चैंबर्स) उपस्थित थे।
​इसके अलावा, आईआईटी रुड़की से प्रो. विवेक मलिक और प्रो. अमित अग्रवाल तथा SMAU चैंबर्स से ई. विकास गोयल, डॉ. राज अरोड़ा, श्री अनिल शर्मा और सीए आशुतोष पांडेय भी इस सत्र में सम्मिलित हुए।

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