तनवीर अली हरिद्वार:—2010 में धर्मनगरी हरिद्वार में विधायक निधि से बने हैं पुस्तकालय के निर्माण में हुए घोटाले का मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है जिससे ना केवल तत्काल डीएम सीडीओ और ग्रामीण अभियंत्रण सर्विस के अधिशासी अभियंता की मुश्किलें बढ़ सकती हैं इसके साथ ही बीजेपी के विधायक और प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक की भी मुश्किलें बढ़नी तय हैं।
आपको बताते चलें कि धर्मनगरी हरिद्वार में 2010 में शहर विधायक मदन कौशिक के विधायक निधि से हरिद्वार में 16 पुस्तकालय का निर्माण किया गया था इनके निर्माण को लेकर उस समय भी विवाद हुआ था और घोटाले सामने आया था जिसकी छतिपूर्ति जिला अधिकारी और अन्य अधिकारियों के वेतन से की गई थी पुस्तकालय निर्माण का यह मामला एक बार फिर तब सुर्खियों में आया जब याचिकाकर्ता द्वारा उक्त घोटाले की जांच सीबीआई से कराने को लेकर हाई कोर्ट नैनीताल में अपील की गई इस मामले पर नैनीताल हाईकोर्ट में राघवेंद्र सिंह चौहान की खंडपीठ में आज एक अहम सुनवाई होनी है। जिसमें अहम बात यह है कि इस बार याचिकाकर्ता की तरफ से उस समय के तत्कालीन विधायक और वर्तमान में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक को भी आरोपी बनाया गया है जिसके बाद कहीं ना कहीं प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक तत्कालीन जिला अधिकारी, सीडीओ और ग्रामीण अभियंत्रण इकाई के अधिशासी अभियंता रामजीलाल की मुश्किलें बढ़नी तय हैं और मदन कौशिक का नाम आने से राजनीतिक गलियारों में भी हलचल जरूर होगी।अब देखना यह होगा हाई कोर्ट सुनवाई के दौरान इस मामले में अब क्या आदेश करता है।


More Stories
ऑपरेशन प्रहार के तहत हरिद्वार पुलिस की कार्रवाई
ऑपरेशन प्रहार में बड़ा एक्शन: हरिद्वार पुलिस ने 30 ढोंगी बाबाओं को दबोचा,आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा
दिव्य और भव्य होगा आगामी अर्द्धकुंभ… निर्माण कार्यों में लापरवाही पर होगा कड़ा एक्शन…कई करोड़ श्रद्धालुओं के आने की है उम्मीद… साधु संत नहीं है नाराज….सोनिका, मेलाधिकारी