सिडकुल मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन उत्तराखंड और इंटरनेशनल फूड सेफ्टी काउंसलिंग एमएसएमई ने जीरो इफेक्ट जीरो डिफेक्ट (जेडईडी) पर उद्यमियों के लिए आयोजित हुई कार्यशाला में उद्यमियों को दी गई जानकारी….

सिडकुल मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन उत्तराखंड और इंटरनेशनल फूड सेफ्टी काउंसलिंग एमएसएमई ने जीरो इफेक्ट जीरो डिफेक्ट (जेडईडी) पर उद्यमियों के लिए आयोजित हुई कार्यशाला में उद्यमियों को दी गई जानकारी….\

सिडकुल मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन उत्तराखंड और इंटरनेशनल फूड सेफ्टी काउंसलिंग एमएसएमई ने जीरो इफेक्ट जीरो डिफेक्ट (जेडईडी) पर उद्यमियों के लिए कार्यशाला का आयोजन किया। जिसमें उद्यमियों को जानकारी दी। गई की पीएम नरेंद्र मोदी के विजन के तहत छोटे उद्योगों को ज्यादा सक्षम और कंपीटेंट बनाने के लिए एमएसएमई मंत्रालय ने उद्यमियों से जेडईडी स्कीम में रजिस्टर होने की अपील की है।
मंगलवार को कार्यशाला में इंटरनेशनल फूड सेफ्टी एक्सीलरेशन काउंसिल के जोगिंदर चलहल, अनिल चड्ढा और बीएस राणा ने जेडईडी स्कीम के बारे में बताते हुए कहा कि जेडईडी के लिए किए जाने वाले रजिस्ट्रेशन के तीन चरणों को ब्रोंज, सिल्वर और गोल्ड सर्टिफिकेशन ने बांटा गया है। इंटरनेशनल फूड सेफ्टी एक्सीलरेशन काउंसिल की टीम तीन नवंबर से उत्तराखंड में स्थित सभी उद्योगों को अपनी सेवाएं देगी। इस दौरान सिडकुल मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन उत्तराखंड के कार्यकारी निदेशक डॉ. महेंद्र आहूजा ने कहा निर्यात के लिए यह सर्टिफिकेशन जरूरी है। इस मौके पर विनीत जालान, संदीप सिंगला, अल्ताफ हुसैन सही बड़ी संख्या में उद्यमी शामिल रहे।।

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