हरिद्वार:–भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं का महिलाएं और बच्चों पर पड़ने वाले प्रभावों की समीक्षा के लिए सात राज्यों के आकांशी जनपदों की क्षेत्रीय बैठक हरिद्वार में गुरुवार को एक निजी होटल हुई। इस दौरान वात्सल्य योजना के अंतर्गत 4000 प्रभावित बच्चों को प्रति बच्चा 3000 रुपये प्रतिमाह की दर से कुल रुपये 2 करोड़ 40 लाख रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी गई। साथ ही उपस्थित लाभार्थियों गुलिस्तां, रजिया, कॉजल इत्यादि को महालक्ष्मी किट का वितरण किया गया। क्षेत्रीय बैठक में उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और जम्मू कश्मीर के जन प्रतिनिधियों, जिलाधिकारियों और विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही अकादमिक तथा सिविल सोसाइटी संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
केंद्रीय राज्य मंत्री मुंजपारा डॉ.महेन्द्र भाई ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों के पोषण तथा महिलाओं की सुरक्षा एवं सशक्तीकरण के लिए नीतिगत हस्तक्षेप भारत सरकार के स्तर पर किये गए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री की मांगों को दिल्ली पहुंचकर पूरा करने का प्रयत्न करेंगे।
केंद्रीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास मुंजपारा डॉ. महेंद्र भाई ने कहा कि सरकार ने सुरक्षित समाज का निर्माण किया है। आठ सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कई उपलब्धियां रही हैं। 2014 के बाद से महिलाओं और बच्चों के लिए सरकार की योजनाओं से कई बड़े काम हुए हैं। केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम है कि महिलाओं के लिए विवाह की न्यूनतम आयु पुरुषों के समान हुई है। तीन तलाक जैसे गंभीर और संवेदनशील मुद्दों पर गंभीर निर्णय लेने के साथ ही महिलाओं के वित्तीय आत्मनिर्भरता के लिए योजनाओं को विस्तार दिया गया है। सरकार के प्रयास और नीतिगत कार्यों के कारण अच्छे नतीजे मिले हैं। ये बातें उन्होंने हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम में कहीं।
सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन में महिला एवं बाल विकास की विभिन्न योजनाओं तथा भारत को पुनः विश्व पटल पर विश्वगुरु बनाने की ओर लक्षित है। नई शिक्षा नीति को बहुत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।
महिला बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि हरिद्वार और उधमसिंहनगर जैसे आकांक्षी जनपदों को विकसित करने की समीक्षा की गई है कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय महिलाओं और बच्चों को किस तरह से सशक्त कर सकते हैं। हमारा लक्ष्य है कि सभी तरह के आकांक्षी जनपदों में मौलिक आवश्यकता पूर्ण की जाए। पोषण अभियान को राज्य में प्रभावी बनाते हुए मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के अंतर्गत 2 लाख 37 हजार बच्चों को 100 एमएल दूध हफ्ते में चार दिन दिया जाता है। मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना के अंतर्गत सप्ताह में दो दिन अंडा और दो दिन केला दिया जा रहा है।
कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षा विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त पहल से नई शिक्षा नीति के अंतर्गत बाल वाटिका को संचालित करने वाला उत्तराखंड देश में पहला राज्य हो सकता है। साथ ही मंत्री धन सिंह रावत ने केंद्रीय राज्य मंत्री से प्रदेश के जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों के जीर्णोद्धार मांग की।
इस अवसर पर अध्यक्ष एवं सदस्य बाल संरक्षण आयोग उत्तराखंड डॉ. गीता खन्ना, सचिव महिला एवं बाल विकास हरि चंद्र सेमवाल, जिलाधिकारी सोनभद्र, जिलाधिकारी बलरामपुर, जिलाधिकारी हरिद्वार, जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर आदि शामिल रहे।

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