माहे रमजान के अलविदा जुमे की नमाज हरिद्वार की उपनगरी ज्वालापुर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी अकीदत और शांतिपूर्ण ढंग से हुई अदा…जुमे की नमाज को लेकर प्रशासन और पुलिस ने किए थे पुख्ता इंतजाम….

तनवीर अली हरिद्वार।

माहे रमजान के आज अलविदा जुमे की नमाज हरिद्वार की उपनगरी ज्वालापुर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी अकीदत तथा शांतिपूर्ण ढंग से की गई अदा। जुमे की नमाज को लेकर प्रशासन और पुलिस ने किए थे पुख्ता इंतजाम।

हरिद्वार’–माहे रमजान के अलविदा जुमे की नमाज हरिद्वार की उपनगरी ज्वालापुर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी अकीदत तथा शांतिपूर्ण ढंग से अदा की गई। अलविदा जुमे की नमाज को लेकर प्रशासन और पुलिस द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए थे। आपको बता दे मुस्लिमों ने मस्जिदों में पहुंचकर नमाजे जुमा अदा की तथा अल्लाह ताला से देश व प्रदेश में खुशहाली, समृद्धि तथा अमन-चैन कायम रखने की दुआएं मांगी। आपको बता दे माहे रमजान की फजीलतों को कुरान में अल्लाह ताला फरमाते हैं कि ऐ ईमान वालों तुम पर एक माह के रोजे फर्ज (अनिवार्य) किए गए, जैसा कि तुमसे पहली उम्मतों पर रोजों को फर्ज किया गया था, ताकि तुम मुत्तकी और परहेजगार बनो, जिस प्रकार इंसान के रूह का रोजा होता है उसी तरह बदन के हर एक अंग का भी रोजा होता है। आंख, हाथ, जुबान और पैर सभी का रोजा होता है, जिस्म के जिस हिस्से से बुराई की जाए उसी का रोजा खत्म हो जाएगा।रमजान का पहला असरा रहमत वाला है, जिसमें अल्लाह ताला अपनी रहमत दें भेजता है और दूसरा आसरा मगफिरत का है, जिसमें गुनाहों से तोबा करने का अवसर मिलता है और तीसरा असरा दोजख नर्क से निजात का है।बाद नमाज जुमा के मुस्लिमों ने अल्लाह ताला से देश और प्रदेश में तरक्की और अमन-चैन को कायम रखने और भाईचारा तथा कौम की तरक्की की दुआएं मांगी।

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