जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय ने विभागीय अधिकारियों को सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाए जाने के प्रकरण को गंभीरता से लेकर कार्यवाही करने के दिए निर्देश…..

हरिद्वार:–जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय ने विभागीय अधिकारियों को सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाए जाने के प्रकरण को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। बताया कि इसकी निगरानी राज्य स्तर से हो रही है। डीएम ने प्रत्येक विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में पूर्व में दिए निर्देशों के बाद अब तक हुई कार्रवाई की भी जानकारी प्राप्त की।

शनिवार को सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाए जाने को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी ने बैठक ली। सभी विभागों को दोबारा निर्देश दिए कि वह अपने-अपने कार्यालय में रखे संपत्ति रजिस्टर के अनुसार सरकारी भूमि का मिलान कर लें। सुनिश्चित करें कि उनकी विभागीय संपत्ति पर कोई अवैध रूप से काबिज तो नहीं है। उन्होंने इस संबंध में संपत्ति के अभिलेख और स्पष्ट नजरी नक्शे एक माह के भीतर उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। साथ ही अवैध कब्जाधारी की सूचना देने को भी कहा। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि संबंधित विभाग के अधिकारी इस आशय का एक प्रमाण पत्र जारी करेंगे कि उनके यहां कौन सी शासकीय भूमि या संपत्ति उनके कब्जे में है तथा कौन सी अनधिकृत कब्जे में है। जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय ने कहा कि इसका अभिलेखीकरण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।

इस अवसर पर सीडीओ डा. सौरभ गहरवार, एडीएम वित्त एवं राजस्व बीर सिंह बुदियाल, एडीएम प्रशासन पीएल शाह, संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की अंशुल सिंह, एमएनए दयानंद सरस्वती, एसडीएम पूरन सिंह राणा, एसडीएम लक्सर संगीता कनौजिया, डीपीआरओ अतुल प्रताप सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी, मुख्य उद्यान अधिकारी नरेंद्र यादव, जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक पल्लवी गुप्ता, लोनिवि के ईई सुरेश तोमर आदि उपस्थित रहे।

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