निजी अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही से गई जच्चा की जान…. परिजनों का हंगामा….डॉक्टर हुए फरार….पुलिस मौके पर मौजूद……

निजी अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही से गई जच्चा की जान, परिजनों का हंगामा, डॉक्टर हुए फरार

हरिद्वार के लक्सर में निजी चिकिसक की घोर लापरवाही से जच्चा की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतका के परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए घण्टो तक नर्सिंग होम पर हंगामा किया। इस दौरान परिजनों का चढ़ता पारा देख चिकित्सक व अन्य स्टाफ मौके से फरार हो गया। उधर मृतका के परिजनों का रोते बिलखते बुरा हाल हो गया।

लक्सर के निकटवर्ती गांव डौसनी निवासी भरत की पत्नी पिंकी को शनिवार की सुबह प्रसव पीड़ा होने पर गोवर्धनपुर रोड स्थित डॉ भीमराव चैरिटेबल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।अस्पताल प्रबन्धक मरीज को हरिद्वार स्थित अस्पताल में ऑपरेशन के लिए ले गये।जहां पिंकी ने सर्ज़री के बाद पुत्र को जन्म दिया था लेकिन पुत्र के जन्म के बाद ही उसकी हालत धीरे धीरे बिगड़ती चली गई जबकि चिकित्सक ऑपरेशन करने के बाद पूरा मामला कंपाउंडर व अन्य स्टाफ के ऊपर छोड़कर फरार हो गया था।

बताया गया है कि मरीज के परिजनों ने कई बार मरीज़ की हालत खराब होने की बात स्टाफ से कही लेकिन किसी ने उनकी कोई बात नही सुनी और बाद में जच्चा के पास से सभी को हटा दिया गया। रविवार को जच्चा की हालत जब बेहद खराब हो गई तो वँहा मौजूद स्टाफ ने हाथ खड़े कर दिए और मरीज़ को कही और ले जाने की बात कहकर मामला खत्म कर दिया उधर जच्चा को उसके परिजन ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि उसने दम तोड़ दिया।

जच्चा की मौत के बाद उसके परिजनों ने अस्पताल में हंगामा खड़ा कर दिया ये देखकर वँहा मौजूद चिकित्सक व अन्य सभी स्टाफ फरार हो गया । ये हंगामा रात को नौ बजे तक चलता रहा। लेकिन अस्पताल का कोई कर्मचारी सामने नही आया।वही उक्त घटना की जानकारी मिलते ही लक्सर कोतवाली व थाना खानपुर का भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और घण्टो की मशक्कत के बाद म्रतक जच्चा की लाश को पोस्टमार्टम के लिये भेजा।
कुल मिलाकर ये बात साफ है कि अपना अपना पल्ला झाड़ने वाले इन चिकित्सकों पर जब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं होगी तब तक असमय होने वाली इन मौतों का सिलसिला थमने वाला नही है।

बताया गया है कि मृतका पिंकी का ये पहला बच्चा था जिससे चिकित्सक की लापरवाही ने उसकी मां को ही छीन लिया।यंहा ये भी बता दें कि कुछ दिन पूर्व इन्ही लापरवाहियों की शिकायतों तथा फ़र्ज़ी ढंग से अस्पतालों के संचालन की शिकायतों पर मुख्यचिकित्साधिकारी ने संज्ञान लेते हुए अनेक निजी अस्पताल सील कर दिए थे लेकिन बाद में संदिग्ध हालात में इन्ही अस्पतालों को पुनः चालू करवा दिया गया है।खबर लिखे जाने तक अस्पताल प्रबन्धन के खिलाफ कोतवाली लक्सर में मुकदमा लिखे जाने की कार्यवाही जारी थी।

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