40वीं वाहिनी पीएसी, हरिद्वार में धूमधाम से मनाई गई डांडिया नाइट, दिखी पारंपरिक संस्कृति की छटा,सेनानायक की धर्मपत्नी निकिता अग्रवाल रहीं मुख्य अतिथि; पुलिस परिवार के सदस्यों ने ली सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद…

तनवीर अली हरिद्वार।

40वीं वाहिनी पीएसी, हरिद्वार में धूमधाम से मनाई गई डांडिया नाइट, दिखी पारंपरिक संस्कृति की छटा,सेनानायक की धर्मपत्नी निकिता अग्रवाल रहीं मुख्य अतिथि; पुलिस परिवार के सदस्यों ने ली सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद,

​हरिद्वार (विशेष संवाददाता)।

40वीं वाहिनी पीएसी, हरिद्वार के प्रांगण में शुक्रवार (23 अक्टूबर) को हर्षोल्लास एवं भारी उत्साह के साथ ‘डांडिया नाइट’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। रंग-बिरंगी रोशनी, मधुर लोक संगीत और पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने डांडिया नृत्य प्रस्तुत कर उत्सव में समां बांध दिया।

​कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सेनानायक श्री आयुष अग्रवाल की धर्मपत्नी श्रीमती निकिता अग्रवाल ने शिरकत की। उनकी गरिमामयी उपस्थिति में पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।

​सांस्कृतिक उल्लास और आत्मीयता का संगम

​संध्या के दौरान मंच पर मधुर धुनों और डांडिया ताल के बीच वाहिनी की महिलाओं एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पीएसी वाहिनी के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों के मध्य आपसी प्रेम, सौहार्द, एकता और पारिवारिक सद्भाव को बढ़ावा देना था।

​इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

​इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों में शामिल:

  • ​श्रीमती पूजा पंवार (धर्मपत्नी श्री सुरजीत सिंह पंवार, पुलिस अधीक्षक, जनपद चमोली)
  • ​श्रीमती एकता जोशी (धर्मपत्नी श्री जोधराम जोशी, उपसेनानायक, 40वीं वाहिनी पीएसी)
  • ​श्रीमती रीना (धर्मपत्नी श्री आदेश कुमार, शिविरपाल) तथा वाहिनी की फैमिली लाइन की अन्य गणमान्य महिलाएं एवं परिजन उपस्थित रहे।

​पारिवारिक एकजुटता का संदेश

​आयोजन के अंत में मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन पुलिस परिवार के सदस्यों को एक साझा मंच प्रदान करते हैं, जिससे उनके बीच आपसी समन्वय, आत्मीयता एवं सहयोग की भावना सुदृढ़ होती है। यह आयोजन वाहिनी परिवार में सकारात्मकता और सौहार्द का संदेश देने में पूरी तरह सफल रहा।

​40वीं वाहिनी पीएसी, हरिद्वार — “अनुशासन • एकता • समर्पण • सौहार्द”

You may have missed