“डीएम मयूर दीक्षित के सख्त निर्देश पर परिवहन विभाग का बड़ा एक्शन, विद्यालयों के पास चला विशेष चेकिंग अभियान; एआरटीओ नेहा झा, निखिल शर्मा और कर अधिकारी वरुणा सैनी की मौजूदगी में खड़े वाहनों के स्वामियों को कारण बताओ नोटिस किया जारी!”

तनवीर अली हरिद्वार।

“डीएम मयूर दीक्षित के सख्त निर्देश पर परिवहन विभाग का बड़ा एक्शन, विद्यालयों के पास चला विशेष चेकिंग अभियान; एआरटीओ नेहा झा, निखिल शर्मा और कर अधिकारी वरुणा सैनी की मौजूदगी में खड़े वाहनों के स्वामियों को कारण बताओ नोटिस किया जारी!”

हरिद्वार। (विशेष प्रतिनिधि)

जनपद में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और नाबालिग छात्र-छात्राओं द्वारा दोपहिया वाहनों के अवैध संचालन पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने स्कूलों के आसपास विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। यह कार्रवाई जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के सख्त निर्देशों के अनुपालन में की गई।

​अभियान का नेतृत्व सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) श्रीमती नेहा झा ने किया। इस दौरान सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) श्री निखिल शर्मा तथा परिवहन कर अधिकारी श्रीमती वरुणा सैनी भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

​गलियों और पार्किंग स्थलों में खड़े वाहनों की जाँच

​अभियान के तहत विभिन्न विद्यालयों के आसपास की सड़कों, गलियों एवं पार्किंग स्थलों पर खड़े दोपहिया वाहनों की गहनता से जाँच की गई। विशेष रूप से ऐसे वाहनों को चिह्नित किया गया, जिनका उपयोग नाबालिग छात्रों द्वारा किए जाने की संभावना पाई गई थी।

​वाहन स्वामियों को कारण बताओ नोटिस जारी

​जाँच में संदिग्ध पाए गए वाहनों के पंजीकृत स्वामियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। वाहन स्वामियों को तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण व आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस के माध्यम से पूछा गया है कि:

  1. ​संबंधित वाहन स्कूल के पास किस व्यक्ति द्वारा लाया गया था?
  2. ​वाहन चलाने वाले व्यक्ति की आयु क्या थी और क्या उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस था?
  3. ​यदि वाहन का उपयोग किसी नाबालिग द्वारा किया गया, तो उसे गाड़ी किस परिस्थिति में उपलब्ध कराई गई?

​स्कूल प्रबंधन को भी सख्त निर्देश

​विभाग ने विद्यालय प्रशासनों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि:

  • ​स्कूल परिसर में नाबालिग छात्रों द्वारा लाए जाने वाले वाहनों की पार्किंग पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।
  • ​बिना लाइसेंस दोपहिया वाहन लाने वाले छात्रों को चिह्नित कर उनके अभिभावकों को तुरंत सूचित किया जाए।
  • ​विद्यार्थियों और अभिभावकों को सड़क सुरक्षा व कानूनी नियमों के प्रति जागरूक किया जाए।

​नाबालिग को वाहन दिया तो 3 साल की जेल और ₹25,000 जुर्माना

​परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199A के तहत यदि कोई नाबालिग वाहन चलाता पाया जाता है, तो अभिभावक या वाहन स्वामी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई होगी। इसके अंतर्गत 3 वर्ष तक के कारावास और ₹25,000 जुर्माने का प्रावधान है।

​अधिकारियों के वक्तव्य:

​“जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन रोकने के लिए स्कूलों के पास नियमित रूप से प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा।”

— श्रीमती नेहा झा, एआरटीओ (प्रवर्तन)

​“अभियान का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि स्कूल प्रबंधन, अभिभावकों और छात्रों में सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।”

— श्री निखिल शर्मा, एआरटीओ (प्रशासन)

​अपील: परिवहन विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को गाड़ियाँ न सौंपें, ताकि संभावित हादसों को रोका जा सके और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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