हरिद्वार पुलिस की बड़ी सफलता: छत्तीसगढ़ से 3 महीने से लापता 14 वर्षीय छात्र को हर की पौड़ी से किया सुरक्षित रेस्क्यू,​ ‘ऑपरेशन प्रहार’ और AHTU टीम के प्रयासों से परिजनों की खोई खुशियाँ लौटीं; इकलौते बेटे को पाकर पिता ने जताया पुलिस का आभार…

तनवीर अली हरिद्वार।

हरिद्वार Police की त्वरित कार्रवाई: 3 महीने से लापता छत्तीसगढ़ के मासूम को तलाश कर परिजनों के सुपुर्द किया

​हरिद्वार। ऑपरेशन प्रहार अभियान के अन्तर्गत हरिद्वार पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने एक सराहनीय कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से पिछले तीन महीनों से लापता कक्षा 8 के छात्र को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। 3 महीने बाद अपने इकलौते बेटे को सही-सलामत पाकर परिजनों की आँखों में खुशी के आँसू छलक आए और उन्होंने हरिद्वार पुलिस का तहे दिल से आभार व्यक्त किया।

​हर की पौड़ी क्षेत्र से दयनीय हालत में मिला बालक

प्राप्त जानकारी के अनुसार, भिलाई (दुर्ग, छत्तीसगढ़) निवासी उदयपाल यादव का 14 वर्षीय पुत्र ऋतिक (कक्षा 8 का छात्र) गत 30 जून को स्कूल के लिए निकला था, जिसके बाद वह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया। परिजनों ने काफी खोजबीन के बाद थाना जामुल (दुर्ग) में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बालक के पिता पिछले 3 महीनों से नौकरी छोड़ कर दर-दर भटक रहे थे।

​इसी दौरान, हरिद्वार की AHTU टीम को ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत चेकिंग अभियान के दौरान हर की पौड़ी क्षेत्र से बालक अत्यंत दयनीय स्थिति में मिला। पूछताछ में पता चला कि बालक ट्रेन के जरिए छत्तीसगढ़ से लखनऊ, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब होते हुए हरिद्वार पहुँचा था।

​काउंसलिंग के बाद पिता को सौंपा गया

AHTU हरिद्वार की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 अक्टूबर को बालक के पिता से संपर्क किया। सूचना मिलते ही परिजन तत्काल हरिद्वार पहुँचे। बाल कल्याण समिति (CWC) हरिद्वार के अध्यक्ष के आदेशानुसार आवश्यक विधिक औपचारिकताएं पूरी करने और बालक व परिजनों की काउंसलिंग के उपरांत बालक ऋतिक को उसके पिता उदयपाल यादव को सौंप दिया गया।

​हरिद्वार पुलिस की इस टीम को मिली सफलता:

इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में AHTU हरिद्वार की टीम के निम्नलिखित सदस्यों की मुख्य भूमिका रही:

  1. ​उप-निरीक्षक: राखी रावत
  2. ​हेड कांस्टेबल: राकेश कुमार
  3. ​हेड कांस्टेबल: बिना गोदियाल
  4. ​कांस्टेबल: मुकेश कुमार
  5. ​कांस्टेबल: दीपक चन्द
  6. ​कांस्टेबल: दीपक डबराल

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