नाबालिग से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग, रंगदारी मांगने के आरोपी ने, पुलिस के खौफ से घबराकर कनखल थाने में किया सरेंडर, महिला व बाल अपराधों की रोकथाम को चलाए जा रहें ‘जीरो टोलरेंस’अभियान में कनखल पुलिस को मिली कामयाबी…

तनवीर अली हरिद्वार।

नाबालिग से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग, रंगदारी मांगने के आरोपी ने, पुलिस के खौफ से घबराकर कनखल थाने में किया सरेंडर, महिला व बाल अपराधों की रोकथाम को चलाए जा रहें ‘जीरो टोलरेंस’अभियान में कनखल पुलिस को मिली कामयाबी,

हरिद्वार। एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह के नेतृत्व में महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ अभियान के तहत कनखल पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। नाबालिग किशोरी को प्रेम जाल में फंसाकर दुष्कर्म करने, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और रंगदारी वसूलने के आरोपी ने पुलिस की लगातार दबिश से घबराकर रविवार को कोतवाली कनखल पहुंचकर सरेंडर कर दिया।

क्या है पूरा मामला?

3 सितंबर 2026 को पीड़िता की मां ने कोतवाली कनखल में शिकायत दर्ज कराई थी। तहरीर के अनुसार, आरोपी गौरव कुमार ने उनकी नाबालिग पुत्री से दोस्ती कर उसे झांसे में लिया और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद आरोपी ने अश्लील फोटो व वीडियो बनाकर उन्हें वायरल करने की धमकी दी। ब्लैकमेल होकर पीड़िता ने डर के मारे आरोपी को ₹1 लाख दे दिए, लेकिन इसके बावजूद आरोपी लगातार और पैसों की मांग कर रहा था।

​पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ मु0अ0सं0 311/2026 और पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

ठिकाने बदलता रहा आरोपी, पुलिस की सख्ती से हुआ सरेंडर

एसएसपी हरिद्वार के निर्देश पर कनखल थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी दिल्ली, नोएडा, अलीगढ़, बरेली और हरिद्वार में लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। पुलिस टीम द्वारा संभावित ठिकानों पर लगातार दी जा रही ताबड़तोड़ दबिशों से घिरता देख आरोपी आखिरकार खुद थाने पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

आरोपी का विवरण:

  • नाम: गौरव कुमार पुत्र धनपाल
  • मूल निवासी: ग्राम बफरी बुजुर्ग, थाना शाही, जनपद बरेली (उत्तर प्रदेश)
  • हाल निवासी: सगरावाला, जगजीतपुर, थाना कनखल, हरिद्वार

पुलिस टीम:

उपनिरीक्षक देवेंद्र पाल, महिला उपनिरीक्षक सीमा आर्य, कांस्टेबल रणजीत सिंह एवं महिला कांस्टेबल सुष्मिता रावत।

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