बहादराबाद क्षेत्र ‘आरी’ का खेल,वन माफियाओं ने हरे-भरे पेड़ों का किया सफाया, कोतवाली के पीछे रातों-रात कट गए 20 से अधिक आम के पेड़,

तनवीर अली हरिद्वार

बहादराबाद क्षेत्र ‘आरी’ का खेल,वन माफियाओं ने हरे-भरे पेड़ों का किया सफाया, कोतवाली के पीछे रातों-रात कट गए 20 से अधिक आम के पेड़,

हरिद्वार। शहर के बीचों-बीच स्थित बहादराबाद कोतवाली के ठीक पीछे शनिवार देर रात वन माफियाओं ने वन एवं उद्यान विभाग की नाक के नीचे से 20 से अधिक आम के हरे-भरे पेड़ों का सफाया कर दिया। हैरानी की बात यह है कि कोतवाली से महज कुछ दूरी पर रात भर पेड़ कटते रहे और प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी।

​अवैध कटान पर स्थानीय लोगों ने जताई आपत्ति

​स्थानीय लोगों का आरोप है कि पेड़ काटे जाने की सूचना देर रात पुलिस को दी गई थी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची भी, लेकिन तब तक लकड़ी तस्कर मौका पाकर ट्रैक्टर-ट्रॉली में लकड़ियाँ भरकर चंपत हो गए। घटनास्थल पर तनों के ठूंठ और बिखरी टहनियां इस अवैध कटाई की गवाही दे रही हैं। चर्चा यह भी है कि पुलिस ने शुरुआत में कुछ संदिग्धों और एक बाइक को हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

​क्या है अवैध कटाई का असली खेल?

​सूत्रों के अनुसार, जिस बाग में यह कटाई हुई है, वह बेशकीमती भूमि पर स्थित है। स्थानीय लोग दबी जुबान में इसे भू-माफियाओं द्वारा अवैध कब्जे की साजिश बता रहे हैं। सवाल यह उठ रहा है कि क्या पेड़ों की बलि इसलिए दी गई ताकि भूमि का उपयोग बदलकर उस पर कब्जा किया जा सके?

​अधिकारियों का क्या कहना है?

​मामले में लापरवाही और मिलीभगत के आरोपों के बीच अधिकारियों ने जांच की बात कही है:

  • कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह: “सूचना मिलते ही पुलिस टीम भेजी गई थी, लेकिन मौके पर कोई नहीं मिला। मामले की जांच की जा रही है।”
  • मुख्य उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह: “विभाग द्वारा आम के पेड़ काटने की कोई अनुमति नहीं दी गई है। रविवार सुबह टीम को मौके पर भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने पर दोषियों के खिलाफ सख्त मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।”

​शहर में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि कोतवाली के इतने करीब इतनी बड़ी वारदात बिना मिलीभगत के संभव नहीं है। अब देखना यह है कि जांच के बाद अधिकारी दोषियों पर क्या कार्रवाई करते हैं।

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