​हरिद्वार: सिडकुल की ‘सिनोकेम सेफ्टी’ में यातायात पुलिस ने फूँकी जागरूकता, 54 कर्मचारियों ने लिया सुरक्षित सफर का संकल्प

हरिद्वार: सिडकुल की ‘सिनोकेम सेफ्टी’ में यातायात पुलिस ने फूँकी जागरूकता, 54 कर्मचारियों ने लिया सुरक्षित सफर का संकल्प

हरिद्वार। ‘सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा’ के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के क्रम में हरिद्वार यातायात पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के मार्गदर्शन एवं पुलिस अधीक्षक यातायात के पर्यवेक्षण में, यातायात पुलिस की एक टीम ने सिडकुल स्थित ‘सिनोकेम सेफ्टी’ कंपनी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।

​इस दौरान कंपनी के 54 अधिकारियों और कर्मचारियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए यातायात नियमों का पाठ पढ़ाया गया।

सुरक्षित सफर के लिए दिए गए टिप्स

कार्यक्रम के दौरान टीआई संदीप सिंह नेगी और एटीएसआई प्रदीप कुमार सिंह ने उपस्थित कर्मचारियों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:

  • सुरक्षा उपकरण: दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने और चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग करने की महत्ता।
  • नियमों का पालन: वाहन को निर्धारित गति सीमा और यातायात संकेतों के अनुरूप सुरक्षित रूप से चलाना।
  • जिम्मेदारी का बोध: सड़क पर न केवल स्वयं की, बल्कि अन्य राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
  • महत्वपूर्ण जानकारी: ट्रैफिक साइन, सिग्नल लाइट, ‘गोल्डन ऑवर’ (दुर्घटना के बाद का पहला महत्वपूर्ण समय) और ‘गुड सेमेरिटन’ (नेक इंसान) कानून के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

रोड सेफ्टी वैन ने किया जागरूक

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण यातायात पुलिस की ‘रोड सेफ्टी वैन’ रही। इस वैन के जरिए ऑडियो-वीडियो माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं के कारणों और उनसे बचाव के उपायों को दिखाया गया, जिससे कर्मचारी काफी प्रभावित हुए।

कर्मचारियों ने ली संकल्प की शपथ

कार्यक्रम के अंत में, सिनोकेम सेफ्टी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने यातायात नियमों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। कर्मचारियों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी और जीवन रक्षक बताया। कंपनी की ओर से शुभम कुमार ने यातायात पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।

​हरिद्वार यातायात पुलिस का यह ‘मिशन सेफ हरिद्वार’ अभियान लगातार जारी है, ताकि जिले की सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके और दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

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