तनवीर अली हरिद्वार।
एचआरडीए द्वारा तैयार की गई रुड़की महायोजना-2041: विकास के खाके पर हुई सुनवाई, जनहित में सुझावों पर हुआ मंथन,
रुड़की: हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) द्वारा तैयार की गई ‘रुड़की महायोजना-2041’ (प्रारूप) को मूर्त रूप देने की दिशा में बुधवार, 08 जुलाई 2026 को एक महत्वपूर्ण सुनवाई का आयोजन किया गया। रुड़की स्थित एचआरडीए के शाखा कार्यालय में आयोजित इस बैठक में शहर के भविष्य के विकास, बुनियादी ढांचे और नियोजित शहरीकरण को लेकर आम जनता द्वारा दर्ज कराई गई आपत्तियों और सुझावों पर गहन मंथन किया गया।
नीति-निर्धारकों की रही उपस्थिति।
सुनवाई प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्राधिकरण के उच्चाधिकारी स्वयं उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता रुड़की एचआरडीए के संयुक्त सचिव दीपक सेठ ने की। उनके साथ सचिव प्रत्युष सिंह और अधीक्षण अभियंता राजन सिंह भी मौजूद रहे। तीनों अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से आपत्तिकर्ताओं और सुझाव देने वाले नागरिकों की बात सुनी और संबंधित तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की।
क्या हैं महायोजना-2041 के मुख्य बिंदु?
रुड़की महायोजना-2041 शहर को आने वाले डेढ़ दशकों के लिए तैयार करने का एक महत्वाकांक्षी ब्लूप्रिंट है। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है:
सुनियोजित आवासीय क्षेत्र: बढ़ती आबादी को देखते हुए नए आवासीय क्षेत्रों का विकास।
यातायात प्रबंधन: शहर की बढ़ती ट्रैफिक समस्या को कम करने के लिए चौड़ी सड़कें और बाईपास की रूपरेखा।
व्यावसायिक एवं औद्योगिक जोन: निवेश को बढ़ावा देने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजन हेतु विशेष औद्योगिक क्षेत्रों का चिह्नीकरण।
हरित क्षेत्र और सार्वजनिक सुविधाएँ: पार्कों, खेल के मैदानों और सीवेज/जल निकासी जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार।
नागरिकों की सक्रिय भागीदारी
सुनवाई के दौरान स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कुछ नागरिकों ने भूमि उपयोग (Land Use) परिवर्तन को लेकर आपत्तियां दर्ज कराईं, तो वहीं कई लोगों ने शहर के सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के सुझाव दिए।
अधिकारियों का आश्वासन
सुनवाई के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ‘रुड़की महायोजना-2041’ का मुख्य उद्देश्य शहर का संतुलित और समग्र विकास करना है। सचिव प्रत्युष सिंह ने कहा, “प्राधिकरण जनभावनाओं का सम्मान करता है। आज प्राप्त हुए सभी जायज सुझावों और आपत्तियों का तकनीकी परीक्षण किया जाएगा और नियमानुसार आवश्यक संशोधनों के बाद ही महायोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।”
अगला कदम क्या होगा?
सुनवाई के बाद अब प्राधिकरण प्राप्त आपत्तियों और सुझावों को संकलित करेगा। इसके बाद इन्हें शासन को अंतिम स्वीकृति हेतु भेजा जाएगा। माना जा रहा है कि इस महायोजना के लागू होने के बाद रुड़की में निर्माण कार्यों और भूमि विकास को लेकर स्पष्ट नीतियां लागू होंगी, जिससे अनियोजित विकास पर रोक लगेगी।

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