उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष होने पर आयोजित हुए कार्यक्रम में पूर्व राज्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस महासचिव फुरकान अली एडवोकेट ने कहा….शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बनाना कांग्रेस का है संकल्प…भाजपा ने की प्रदेश वासियों की अपेक्षा….

हरिद्वार। उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर एक कार्यक्रम का आयोजन पूर्व राज्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस महासचिव फुरकान अली एडवोकेट के रेलवे क्रॉसिंग ज्वालापुर स्थित कैंप कार्यालय पर हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत राज्य आंदोलन में शहीद हुए राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि देने से हुई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व राज्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस महासचिव फुरकान अली एडवोकेट ने कहा कि शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बनाना कांग्रेस का संकल्प है और कांग्रेस ही शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बना सकती है। कांग्रेस नीत सरकार में ही गैरसैंण को राजधानी बनाने का काम शुरू हुआ और कांग्रेस नीत सरकार में ही गैरसैंण में विधानसभा भवन का निर्माण हुआ लेकिन प्रदेश की भाजपा नीत सरकार ने उत्तराखंड की हमेशा से ही उपेक्षा की है, न तो भाजपा सरकार उत्तराखंड में पलायन रोक पाई पाई है और न ही रोजगार के अवसर पैदा कर पाई है, जो नौकरियां भी निकलती है वो पहले से ही फिक्स होती है।
कांग्रेस नेता एडवोकेट रियाज़ अली अंसारी ने कहा कि भाजपा के विधायक और नेता केवल पहाड़ मैदान में लगे हुए है उनको उत्तराखंड के विकास से कोई मतलब नहीं है।
भारतीय किसान मजदूर उत्थान यूनियन के राष्ट्रीय युवा उपाध्यक्ष अरबाज अली एडवोकेट ने कहा कि जब उत्तराखंड राज्य बना तब उत्तराखंड के सामने कई चुनौतियां थी जब 2002 में कांग्रेस की सरकार बनी और पं नारायण दत्त तिवारी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने उत्तराखंड राज्य को एक नई दिशा दी, उत्तराखंड में सिडकुल की स्थापना अपने आप में एक मील का पत्थर साबित हुआ।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे क्रय विक्रय सहकारी समिति ज्वालापुर के पूर्व चेयरमैन शमीम अहमद ने कहा कि केवल कांग्रेस की सरकार में ही विकास हो सकता है और कांग्रेस जब भी सत्ता में आई तो उसने विकास ही किया है।
अंत में सभी लोगों ने राज्य आंदोलन में शहीद हुए आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर सुल्तान अहमद खान, मोनू अंसारी, हाजी मोहम्मद सलीम भट्टी, नदीम अहमद, प्रवीण कुमार, सचिन, घनश्याम, परवेज आलम, शावेज़, पप्पू, अकरम ठेकेदार, इलियास अहमद, तनवीर अली, विनोद कुमार, निजाम पठान, डॉ उमर फारुख, लल्लन सिंह, लाल सिंह, पवन सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।

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