भेल हरिद्वार का बड़ा कारनामा: अडानी पावर से मिले चार बड़े थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स के ऑर्डर, देश भर में स्थापित होगी 6,400 मेगावाट की विशाल ऊर्जा क्षमता; इंजीनियरिंग क्षेत्र में बीएचईएल का दबदबा और मजबूत…

तनवीर अली हरिद्वार।

बीएचईएल का बड़ा कारनामा: अडानी पावर से मिले चार बड़े थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स के ऑर्डर, देश भर में स्थापित होगी 6,400 मेगावाट की विशाल ऊर्जा क्षमता; इंजीनियरिंग क्षेत्र में बीएचईएल का दबदबा और मजबूत…

हरिद्वार, 05 नवम्बर: भारत के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के विनिर्माण और इंजीनियरिंग उपक्रम भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने देश के ऊर्जा क्षेत्र में अपनी बादशाहत को एक बार फिर साबित किया है। कंपनी ने अडानी पावर लिमिटेड से देश भर में चार प्रमुख ताप विद्युत (थर्मल पावर) परियोजनाओं की स्थापना के लिए एक विशाल घरेलू अनुबंध हासिल किया है।

6,400 मेगावाट क्षमता का मेगा प्रोजेक्ट

इस समझौते के तहत बीएचईएल को कुल 6,400 मेगावाट की स्थापित क्षमता के लिए कार्य सौंपा गया है। इसमें चार अलग-अलग परियोजनाएं शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक की क्षमता 2×800 मेगावाट होगी।

बीएचईएल की आपूर्ति एवं सेवाएं

अनुबंध की शर्तों के अनुसार, बीएचईएल इन चारों परियोजनाओं के निष्पादन के लिए मुख्य और महत्वपूर्ण उपकरणों की आपूर्ति करेगा, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • बॉयलर (Boilers)
  • टर्बाइन (Turbines)
  • जनरेटर (Generators)
  • संबंधित सहायक उपकरण (Auxiliary Equipment)

इसके साथ ही, कंपनी ग्राहक (अडानी पावर) की परियोजना आवश्यकताओं और समयसीमा के अनुरूप निर्धारित सेवाएं भी प्रदान करेगी। यह बड़ा ऑर्डर बीएचईएल की विश्वस्तरीय निष्पादन क्षमताओं और गुणवत्ता पर निजी क्षेत्र के प्रमुख खिलाड़ियों के निरंतर विश्वास को रेखांकित करता है।

भारत के ऊर्जा क्षेत्र में बीएचईएल का मजबूत दबदबा

विश्व भर में 214 गीगावाट से अधिक क्षमता के बिजली उपकरण स्थापित कर चुकी बीएचईएल भारत की ऊर्जा सुरक्षा का मुख्य स्तंभ बनी हुई है। देश के पावर सेक्टर में बीएचईएल की हिस्सेदारी का ब्यौरा: ऊर्जा क्षेत्र (Power Sector)बीएचईएल की बाजार हिस्सेदारी (Market Share) थर्मल पावर (Thermal Power)54% परमाणु ऊर्जा – द्वितीयक पक्ष (Nuclear Power)60% जल विद्युत (Hydro Power)43% कुल पारंपरिक विद्युत क्षमता (Overall Utility Capacity)53%

आत्मनिर्भर भारत और बुनियादी ढांचे को मजबूती

अडानी पावर द्वारा मिले इन प्रतिष्ठित ऑर्डरों से बीएचईएल का तकनीकी नेतृत्व और अधिक सुदृढ़ हुआ है। यह सफलता भारत के बुनियादी ढांचे के विकास, राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा तथा बिजली क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।

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