नवोदय नगर में रामलीला का भव्य उद्घाटन: मुख्य अतिथि मनोज धनगर का हुआ आत्मीय स्वागत,मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा और धर्म का देता है संदेश: मनोज धनगर…

तनवीर अली हरिद्वार।

नवोदय नगर में रामलीला का भव्य उद्घाटन: मुख्य अतिथि मनोज धनगर का हुआ आत्मीय स्वागत,मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा और धर्म का संदेश देता है: मनोज धनगर…

​नवोदय नगर। श्री रामलीला कमेटी सर्व समाज, नवोदय नगर द्वारा आयोजित पावन प्रभु श्रीरामलीला मंचन का भव्य एवं गरिमामय वातावरण में शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर आयोजित उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होकर मनोज धनगर ने प्रभु श्रीराम की पूजा-अर्चना की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

​कार्यक्रम के दौरान रामलीला कमेटी के सम्मानित पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा मुख्य अतिथि मनोज धनगर का आत्मीयता के साथ पटका पहनाकर एवं माँ अहिल्याबाई होलकर जी का पावन चित्र भेंट कर भव्य स्वागत व अभिनंदन किया गया।

​समरोह को संबोधित करते हुए मनोज धनगर ने कहा, “मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के आदर्शों को समर्पित इस भव्य रामलीला मंचन में सहभागिता करना मेरे लिए परम सौभाग्य की बात है। प्रभु श्रीराम का जीवन हमें त्याग, मर्यादा, सत्य, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। रामलीला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों का जीवंत स्वरूप है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को अपने उच्च संस्कारों से जोड़ते हैं और समाज में आपसी सद्भाव, प्रेम, भाईचारे एवं एकता की भावना को सुदृढ़ करते हैं।”

​माँ अहिल्याबाई होलकर जी का चित्र भेंट किए जाने पर उन्होंने गहरा आभार व्यक्त करते हुए कहा कि माँ अहिल्याबाई का जीवन सेवा, सुशासन, लोककल्याण, धर्मपरायणता और जनहित के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उनका व्यक्तित्व हमें सिखाता है कि सच्ची महानता पद या प्रतिष्ठा में नहीं, बल्कि जनसेवा, विनम्रता और अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठा में निहित होती है।

​अंत में, उन्होंने श्री रामलीला कमेटी सर्व समाज, नवोदय नगर के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों, आयोजकों एवं उपस्थित जनसमूह का इस आत्मीय सम्मान और स्नेह के लिए हृदय की गहराइयों से धन्यवाद व आभार प्रकट किया। उन्होंने कामना की कि प्रभु श्रीराम की कृपा सभी पर बनी रहे और समाज में सुख-समृद्धि एवं भाईचारे का वातावरण निरंतर मजबूत होता रहे।

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