उत्तराखंड में गुटखा, पान मसाला और तंबाकू उत्पादों पर एक साल का संपूर्ण प्रतिबंध,आयुक्त विनय शंकर पांडे का विज़न और बयान: “जनता का स्वास्थ्य सरकार की है पहली प्राथमिकता…

तनवीर अली हरिद्वार।

उत्तराखंड में गुटखा, पान मसाला और तंबाकू उत्पादों पर एक साल का संपूर्ण प्रतिबंध,आयुक्त विनय शंकर पांडे का विज़न और बयान: “जनता का स्वास्थ्य हमारी पहली प्राथमिकता”

​देहरादून:

उत्तराखंड में जनस्वास्थ्य को बेहतर बनाने और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए धामी सरकार और खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने एक कड़ा कदम उठाया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त विनय शंकर पांडे ने आदेश जारी करते हुए राज्य में सभी प्रकार के तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा, पान मसाला और अन्य खाद्य उत्पादों की बिक्री, निर्माण, भंडारण और वितरण पर आगामी एक वर्ष के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश आज यानी 13 अक्टूबर 2026 से पूरे प्रदेश में सख्ती से लागू हो गया है।

 आयुक्त विनय शंकर पांडे का विज़न और बयान: “जनता का स्वास्थ्य हमारी पहली प्राथमिकता”

​इस प्रतिबंध के पीछे कमिश्नर विनय शंकर पांडे का स्पष्ट विजन राज्य के नागरिकों, विशेषकर युवा पीढ़ी को गंभीर बीमारियों से बचाना है। आदेश जारी करते हुए उन्होंने कहा कि:

​“तंबाकू और निकोटिन जैसे घातक पदार्थ कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों की जड़ हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य समाज, विशेषकर हमारी युवा पीढ़ी को इन घातक उत्पादों के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखना है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राज्य की सीमा के भीतर इस तरह के किसी भी उत्पाद का निर्माण, भंडारण या खुलेआम व्यापार न हो सके।”

​श्री पांडे के इस विजन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रशासनिक सख्ती के माध्यम से बाजार में ऐसे उत्पादों की उपलब्धता को पूरी तरह शून्य किया जाए, जिससे समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सुधार आए।

​ आदेश के मुख्य बिंदु एवं दायरे

  1. ​कार्रवाई का कानूनी आधार: यह सख्त कदम खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विक्रय प्रतिषेध और निर्बन्धन) विनियम, 2011 के तहत उठाया गया है।
  2. ​व्यापक प्रतिबंध: इस आदेश के दायरे में केवल खुदरा बिक्री (Retail Sale) ही नहीं आती, बल्कि इनका उत्पादन (Manufacturing), गोदामों में भंडारण (Storage) और थोक वितरण (Distribution) भी पूरी तरह अवैध माना जाएगा।
  3. ​समय सीमा: यह प्रतिबंध आज (13 अक्टूबर 2026) से अगले एक साल तक प्रभावी रहेगा, और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर विभाग द्वारा कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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