अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर मातृ आंचल कन्या विद्यापीठ में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में, बालिकाओं को अधिकारों व शिक्षा के प्रति किया गया जागरूक, शिक्षत और जागरूक बनकर ही सशक्त बनेंगी बालिकाएं…

तनवीर अली हरिद्वार।

अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर मातृ आंचल कन्या विद्यापीठ में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में, बालिकाओं को अधिकारों व शिक्षा के प्रति किया जागरूक, शिक्षत और जागरूक बनकर ही सशक्त बनेंगी बालिकाएं: सिमरनजीत कौर…

​हरिद्वार। माननीय उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (नैनीताल) के निर्देशानुसार तथा माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार) श्री नरेन्द्र दत्त जी के आदेशानुसार, कनखल स्थित मातृ आंचल कन्या विद्यापीठ में अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

​कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सिविल जज (एस०डी०)/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (हरिद्वार) श्रीमती सिमरनजीत कौर एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री अविनाश भदौरिया रहीं। इस अवसर पर अधिकारियों द्वारा विद्यालय परिसर का निरीक्षण भी किया गया।

बालिकाओं को अधिकारों व शिक्षा के प्रति किया जागरूक

​शिविर के दौरान सचिव श्रीमती सिमरनजीत कौर ने छात्राओं को उनके मौलिक अधिकारों, बाल सुरक्षा संबंधी कानूनी प्रावधानों तथा दैनिक जीवन में उपयोगी सामान्य जानकारियों से विस्तारपूर्वक अवगत कराया। उन्होंने शिक्षा के अधिकार के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि बालिकाएं शिक्षित और जागरूक होकर ही अपने जीवन में आत्मनिर्भर व सशक्त बन सकती हैं। उन्होंने बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति हमेशा सजग रहने का संदेश दिया।

​कानूनी रूप से सशक्त बनाने हेतु विधिक सहायता केंद्र होगा सक्रिय

​कार्यक्रम के दौरान श्रीमती सिमरनजीत कौर ने जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री अविनाश भदौरिया के सहयोग से मातृ आंचल संस्था में विधिक सहायता केंद्र को सक्रिय करने का आग्रह किया, ताकि यहां की बालिकाओं को समय पर आवश्यक विधिक मदद और कानूनी सशक्तीकरण प्रदान किया जा सके।

​नवरात्र वन्दना की सराहना, संविधान की प्रस्तावना कंठस्थ करने का आह्वान

​कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय की बालिकाओं ने एक स्वर में मधुर नवरात्र वन्दना का गायन किया। सचिव महोदया ने छात्राओं की सुरीली प्रस्तुति की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा उन्हें आगामी ‘विधि दिवस’ के अवसर पर भारत के संविधान की प्रस्तावना (Preamble) को भी इसी प्रकार कंठस्थ कर प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया।

​कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को जलपान वितरित किया गया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महिला एवं बाल कल्याण विभाग के अधिकारीगण तथा विद्यालय का समस्त शिक्षण व गैर-शिक्षण स्टाफ उपस्थित रहा।

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