जिला अधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर हरिद्वार में लक्ज़री स्लीपर बसों पर नकेल: परिवहन विभाग ने कार्यवाई कर 12 बसें की सीज़, 80 के किए चालान, सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर बड़ी कार्रवाई,

तनवीर अली हरिद्वार।

जिला अधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर हरिद्वार में लक्ज़री स्लीपर बसों पर नकेल: परिवहन विभाग ने कार्यवाई कर 12 बसें की सीज़, 80 के किए चालान, सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर बड़ी कार्रवाई,

हरिद्वार। जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित के सख्त निर्देशों के बाद हरिद्वार में अवैध और असुरक्षित लक्ज़री स्लीपर बसों के खिलाफ प्रशासन और परिवहन विभाग ने कमर कस ली है। जिले में बीते 28 और 29 जून को चलाए गए दो दिवसीय सघन प्रवर्तन अभियान में नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रही बसों पर बड़ी कार्रवाई की गई है।

अधिकारी दल की सख्त कार्रवाई

एआरटीओ (प्रवर्तन) सुश्री नेहा झा के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) श्री आनंद वर्धन ने बसों के तकनीकी पहलुओं की गहन जांच की। जांच के दौरान बसों के फिटनेस, परमिट शर्तों, सुरक्षा मानकों और संरचनात्मक बनावट को बारीकी से परखा गया।

अभियान के मुख्य आंकड़े:

  • कुल चालान: 80
  • सीज़ की गई बसें: 12
  • परमिट शर्तों का उल्लंघन: 15 बसें
  • संरचनात्मक बदलाव (Alteration): 12 बसों में अवैध बदलाव पाए गए

सुरक्षा को लेकर ज़ीरो टॉलरेंस

अभियान के दौरान दो बसें ऐसी पाई गईं, जिनकी हालत इतनी जर्जर थी कि उन्हें सड़क पर चलने के योग्य नहीं माना जा सकता। विभाग ने इन दोनों बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त करने की सिफारिश की है। साथ ही, जिन 12 बसों में निर्धारित मानकों के विपरीत संरचनात्मक छेड़छाड़ (Alteration) पाई गई, उनके खिलाफ भी फिटनेस निरस्त करने की संस्तुति की गई है।

यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यात्रियों की जान जोखिम में डालकर चलने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ भविष्य में भी यह अभियान जारी रहेगा। विभाग ने सभी वाहन स्वामियों को चेतावनी दी है कि वे अपने वाहनों को कानूनी और सुरक्षा मानकों के दायरे में ही संचालित करें।

​जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध और असुरक्षित तरीके से बसें चलाने वाले संचालकों में हड़कंप मच गया है।

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