चारधाम यात्रा और पर्यटकों की भारी भीड़ के हरिद्वार में फर्जी ट्रैवल एजेंसियों पर परिवहन विभाग का ‘प्रहार’: बिना लाइसेंस संचालित केंद्रों पर सघन छापेमारी कर कसी नकेल।

तनवीर अली हरिद्वार।

चारधाम यात्रा और पर्यटकों की भारी भीड़ के हरिद्वार में फर्जी ट्रैवल एजेंसियों पर परिवहन विभाग का ‘प्रहार’: बिना लाइसेंस संचालित केंद्रों पर सघन छापेमारी कर कसी नकेल।

​हरिद्वार। तीर्थनगरी हरिद्वार में चारधाम यात्रा और पर्यटकों की भारी भीड़ के बीच सक्रिय हुए ‘फर्जी ट्रैवल एजेंटों’ पर परिवहन विभाग ने नकेल कस दी है। विभाग ने आज शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सघन प्रवर्तन अभियान चलाकर उन सभी ट्रैवल एजेंसियों और बुकिंग केंद्रों की जांच की, जो बिना वैध लाइसेंस के यात्रियों को गुमराह कर रहे थे।
​अभियान के मुख्य बिंदु
​नेतृत्व: यह अभियान जिलाधिकारी हरिद्वार श्री मयूर दीक्षित एवं आरटीओ (प्रशासन) श्री संदीप सैनी के मार्गदर्शन में एआरटीओ (प्रवर्तन) श्रीमती नेहा झा के नेतृत्व में चलाया गया।
​टीम: कार्रवाई के दौरान टीटीओ सुश्री वरुणा सैनी, टीटीओ श्री मुकेश भारती, टीटीओ श्री हरीश सती तथा पुलिस बल के अधिकारी शामिल रहे।
​दायरा: हरिद्वार नगर क्षेत्र में संचालित ट्रैवल एजेंसियों, चारधाम यात्रा बुकिंग कार्यालयों और यात्री टिकट केंद्रों का औचक निरीक्षण।
​क्या पाया गया?
​निरीक्षण के दौरान कई ट्रैवल एजेंट ‘अभिकर्ता/प्रचारक (सार्वजनिक सेवाओं द्वारा यात्रा करने के लिये सवारियाँ इकट्ठी करने एवं टिकटों की बिक्री हेतु) नियमावली, 2023’ का उल्लंघन करते पाए गए। कई संचालकों के पास निर्धारित वैध अभिकर्ता अनुज्ञप्ति (License) नहीं थी। विभाग ने मौके पर ही उन प्रतिष्ठानों को निरीक्षण प्रपत्र थमाया और उन्हें तय समय सीमा के भीतर अपने वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
​कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
​एआरटीओ नेहा झा ने चेतावनी दी है कि मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 93 और धारा 193 के तहत बिना लाइसेंस बुकिंग कार्यालय चलाना दंडनीय अपराध है। यदि निर्धारित समय के भीतर ये प्रतिष्ठान अपना लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं, तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करते हुए कार्यालय सील करने तक की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
​यात्रियों के लिए विशेष सावधानी
​परिवहन विभाग ने यात्रियों और तीर्थयात्रियों को आगाह करते हुए कहा है:
​अनुज्ञप्ति की जांच करें: अपनी यात्रा बुक करने से पहले ट्रैवल एजेंट से उनकी वैध अनुज्ञप्ति (License) जरूर मांगें।
​धोखाधड़ी से बचें: अधिकृत और वैध केंद्रों से ही टिकट बुक करें ताकि किसी भी प्रकार की आर्थिक हानि या यात्रा के दौरान असुविधा से बचा जा सके।
​सूचना दें: यदि आपको किसी ऐसे बुकिंग केंद्र की जानकारी है जिसके पास लाइसेंस नहीं है, तो तुरंत परिवहन विभाग को सूचित करें। आपकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।
​विभाग का स्पष्ट रुख
​परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कोई एक दिन का अभियान नहीं है। यात्रियों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी इस तरह के प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेंगे। अवैध रूप से काम कर रही एजेंसियों को या तो नियमानुसार लाइसेंस लेना होगा, या अपना कारोबार बंद करना होगा।

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