हरिद्वार वन विभाग के हाथ लगी बड़ी कामयाबी…कोबरा और रसल वाईपर के विष मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी नितिन को किया गिरफ्तार…

हरिद्वार वन प्रभाग की टीम ने एक बार फिर अवैध वन्यजीव तस्करी के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। रूड़की बीट के ग्राम खंजरपुर से बरामद 70 कोबरा और 16 रसल वाईपर प्रजाति के सांपों के मामले में मुख्य अभियुक्त नितिन कुमार पुत्र सत्यपाल सिंह, निवासी मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया। यह गिरफ्तारी को नारसन क्षेत्र से की गई है। नितिन कुमार लंबे समय से फरार चल रहा था और उस पर भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 (संशोधित 2023) की कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज था।9 सितंबर 2025 को हरिद्वार वन प्रभाग की रूड़की रेंज के अंतर्गत ग्राम खंजरपुर में छापेमारी कर वन विभाग ने 70 कोबरा और 16 रसल वाईपर सांप बरामद किए थे। मौके पर मुख्य आरोपी नितिन कुमार फरार हो गया था, जबकि उसके खिलाफ रेंज केस संख्या 46/रू0/2025-26 के तहत भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 2, 9, 12, 39, 40(2), 44, 49B, 50 और 51 में मुकदमा दर्ज किया गया। यह मामला इसलिए भी चर्चित हुआ क्योंकि बरामद सर्प अत्यंत विषैले थे और संदेह था कि इनका उपयोग सर्प विष तस्करी के लिए किया जा रहा था। इस अवैध कारोबार में बड़ी रकम और नेटवर्क की भूमिका भी सामने आई थी।921 अक्टूबर को मुखबिर की पक्की सूचना पर हरिद्वार वन विभाग की टीम ने नारसन क्षेत्र में दबिश दी। मौके पर मुख्य अभियुक्त नितिन कुमार पुत्र सत्यपाल सिंह को सर्प विष के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नितिन न केवल सर्प पकड़ने और संग्रहण में शामिल था, बल्कि विष के अवैध कारोबार में भी प्रमुख भूमिका निभा रहा था। उसे न्यायिक हिरासत में भेजने के लिए अदालत में प्रस्तुत किया जा रहा है।

इस कार्रवाई में शामिल टीम के सदस्य थे —शैलेन्द्र सिंह नेगी, वन क्षेत्राधिकारी (हरिद्वार रेंज)

  • विनय कुमार राठी, वन क्षेत्राधिकारी (रूड़की रेंज)सौरभ सैनी, वन आरक्षी,राहुल चौहान, वाहन चालक,, इन अधिकारियों और कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई ने इस बड़े वन्यजीव अपराध को उजागर करने में निर्णायक भूमिका निभाई है।

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